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”वैक्सीन बचाव है, दवा नहीं”, रामदेव का दावा- कोरोना के बाद Coronil ही खानी पड़ेगी, विरोधी भी यही खा लें…

आगे यह पूछे जाने पर कि पहले तो यह इम्युनिटी बूस्टर थी, फिर अब दवा कैसे हो गई? रामदेव ने जवाब दिया- दवाई ही थी पहले भी, पर जो ड्रग माफिया और मेडिकल अनार्की फैलाने वाला गैंग है न...उसने कहा था...।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: February 21, 2021 5:47 PM
Ramdev, Patanjali Ayurveda Ltd, India Newsयोग गुरु और Patanjali Ayurveda Ltd के प्रमुख बाबा रामदेव। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः जावेद रजा)

योग गुरु और Patanjali Ayurveda Ltd के प्रमुख स्वामी रामदेव ने कहा है कि कोरोना के लिए आई वैक्सीन बचाव है, दवा नहीं। उन्होंने इसी के साथ बड़ा दावा किया कि कोरोना संक्रमण का शिकार होने के बाद मरीज को Coronil ही खानी पड़ेगी। चाहें, तो विरोधी भी यही दवा खा लें।

योग गुरु ने ये बातें 19 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कहीं, जिसमें उन्होंने कोरोनिल से जुड़े कुछ रिसर्च पेपर्स जारी किए थे। साथ ही बताया था कि कोरोनिल कोविड उपचार में सहायक दवा है और इसे आयुष मंत्रालय का प्रमाण पत्र मिल गया है। ‘News 18 India’ से खास बातचीत में रामदेव ने यह भी दावा किया था कि कोरोनिल दुनिया की पहली दवाई हो गई है। वैक्सीन प्रिवेंशन है। कोरोना होने के बाद कोई वैक्सीन काम नहीं करेगी। संक्रमण के बाद कोरोनिल ही खानी पड़ेगी। जो हमारे समर्थक हैं, उन्हें भी और जो हमारा विरोध करते हैं…वे भी यही खा लें।

इंटरव्यू में बाबा ने यह भी कहा, “कोरोना किसी से पूछ कर नहीं आता है। अगर कोरोनिल को बिना किसी से पूछे ले लेंगे तो भी संक्रमण ठीक हो जाएगा।” आगे यह पूछे जाने पर कि पहले तो यह इम्युनिटी बूस्टर थी, फिर अब दवा कैसे हो गई? रामदेव ने जवाब दिया- दवाई ही थी पहले भी, पर जो ड्रग माफिया और मेडिकल अनार्की फैलाने वाला गैंग है न…उसने कहा था…।

पत्रकार ने इसी पर टोका- आयुष मंत्रालय तक ने कह दिया था, वह तो इस गैंग में नहीं है न? बाबा बोले, “वह तो जानकारी के अभाव में था।” ऐसा माना जाता है कि इस सरकार में आपकी पहुंच न हो और आप अपनी बात न पहुंचा सके, ऐसा हो ही नहीं सकता? रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसका जवाब दिया- हमारी पहुंच तो थी। उनकी पहुंच नहीं थी। थोड़ा गैप रह गया था।

इसी बीच, रामदेव फिर बोले- कोई बात नहीं। हम विवाद को तूल नहीं देना चाहते। रिसर्च हो चुकी थी। प्रक्रिया को मंजूरी लेने में इतना समय लग गया। लाखों लोग भी ठीक हो गए। 100 बात की एक बात यह है कि काम पूरा हो गया, पर उसे पेपर पर पूरा करने में हमें इतना समय लग गया। पहले लोगों को लग रहा था कि बाबा ता बावला निकला। अब कह रहे हैं कि बाबा तो शाणा निकला।

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