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भारतः COVID-19 के 24 घंटे में 61,871 नए केस, लगातार दूसरे दिन रही उपचाराधीन मरीजों की संख्या आठ लाख से कम

इसी बीच, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 17 अक्टूबर तक कुल 9,42,24,190 नमूनों की जांच हुई, जिनमें से 9,70,173 नमूनों की जांच शनिवार को की गई।

Author भाषा | Updated: October 18, 2020 12:13 PM
COVID-19 का प्रभावी टीका विकसित करने के लिए दुनिया में जारी प्रयासों के बीच सरकार ने शनिवार को कहा कि भारत में वायरस के जीनोम संबंधी दो अध्ययनों में पाया गया है कि यह आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव (म्यूटेशन) नहीं आया है। (फोटोः पीटीआई)

देश में एक दिन में कोविड-19 के 61,871 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 74,94,551 हो गयी। वहीं, अब तक 65,97,209 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं जिसके साथ ठीक होने वाले लोगों की दर बढ़कर 88.03 फीसदी हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार द्वारा सुबह आठ बजे अपडेटेड आंकड़ों में यह भी बताया गया कि पिछले 24 घंटों के भीतर 1,033 संक्रमित व्यक्तियों की मौत के बाद देश में मृतकों की कुल संख्या 1,14,031 हो गयी।

रविवार को लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या आठ लाख से कम बनी रही। आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस से संक्रमित 7,83,311 लोगों का इलाज चल रहा है जो संक्रमण के कुल मामलों का 10.45 फीसदी है। देश में कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर 1.52 फीसदी है।

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे जबकि 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख, 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख और 11 अक्टूबर को 70 लाख को पार कर गए। इसी बीच, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 17 अक्टूबर तक कुल 9,42,24,190 नमूनों की जांच हुई, जिनमें से 9,70,173 नमूनों की जांच शनिवार को की गई।

‘जीनोम अध्ययन के अनुसार वायरस के स्वरूप में बदलाव नहीं: कोविड-19 का प्रभावी टीका विकसित करने के लिए दुनियाभर में जारी प्रयासों के बीच सरकार ने शनिवार को कहा कि भारत में वायरस के जीनोम संबंधी दो अध्ययनों में पाया गया है कि यह आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव (म्यूटेशन) नहीं आया है। कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि कोरोना वायरस के स्वरूप में बड़ा बदलाव होने से इसका प्रभावी टीका बनाने में बाधा पैदा हो सकती है। हालांकि, कुछ हालिया वैश्विक अध्ययनों में सामने आया है कि वायरस के स्वरूप में आने वाले हालिया बदलावों से कोविड-19 के लिए इस समय विकसित किए जा रहे टीकों पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

कोविड-19 वैश्विक महामारी की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि भारत में तीन टीके विकास के उन्नत चरणों में हैं, जिनमें से दो टीके दूसरे चरण और एक टीका तीसरे चरण में है। पीएमओ ने कहा, ‘‘आईसीएमआर और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा सार्स-कोव-2 (कोविड-19 वायरस) के जीनोम पर किए गए दो अखिल भारतीय अध्ययनों में पाया गया है कि वायरस आनुवांशिक रूप से स्थिर है और इसके स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।’’

PM ने ढिलाई पर चेताया, दिए ये निर्देशः प्रत्येक नागरिक के लिए टीकों की शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करने के वास्ते पूरी तैयारी रखने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोजन की तरह टीका वितरण की ऐसी प्रणाली विकसित करने का शनिवार को सुझाव दिया जिसमें सरकारी और नागरिक समूहों के प्रत्येक स्तर की भागीदारी हो। कोविड-19 महामारी स्थिति और टीके के वितरण तथा प्रबंधन की तैयारी की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रतिदिन के मामलों और वृद्धि दर में लगातार गिरावट का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने इस बीमारी के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के खिलाफ चेताया और महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों को जारी रखने का आह्वान किया।

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