ताज़ा खबर
 

इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों पर अधिक असर नहीं करता है कोरोना! भारत में सबसे पहले किसे मिलेगी COVID-19 Vaccine? सरकार बना रही प्लान

स्टडी में ये भी पता चला कि ब्लड ग्रुप ए, बी और एबी वाले लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा है लेकिन सभी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में संक्रमण की दर में कोई अंतर नहीं देखा गया है।

coronavirus covid19 vaccine blood groupएक स्टडी में पता चला है कि ब्लड ग्रुप ओ वाले लोगों पर कोरोना का असर कम होता है। (एक्सप्रेस फोटो)

दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस और इसके खतरों को लेकर रिसर्च कर रहे हैं। अब नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि ब्लड ग्रुप टाइप से भी कोरोना संक्रमण के खतरे का संबंध है। दरअसल स्टडी में खुलासा हुआ है कि ब्लड ग्रुप O वाले लोगों को कोरोना संक्रमण से कम खतरा है! हालांकि अभी इस बात की पुष्टि के लिए आगे और रिसर्च की जानी हैं लेकिन अभी की स्टडी में ये ही पता चला है।

वैज्ञानिकों ने देखा है कि जो लोग कोरोना से पॉजिटिव पाए गए उनमें ब्लड ग्रुप O वाले लोग बेहद कम थे और A, B और AB ब्लड ग्रुप वाले लोग ज्यादा थे। स्टडी में ये भी पता चला कि ब्लड ग्रुप ए, बी और एबी वाले लोगों को कोरोना का खतरा ज्यादा है लेकिन सभी ब्लड ग्रुप वाले लोगों में संक्रमण की दर में कोई अंतर नहीं देखा गया है। बता दें कि यह स्टडी डेनमार्क में हुई है और इस स्टडी में 4,73,654 लोग शामिल हुए थे।

वहीं पूरी दुनिया में कोरोना वैक्सीन विकसित करने की भी कोशिशें चल रही हैं। भारत में भी तीन वैक्सीन अभी ट्रायल चरण से गुजर रही हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल के मध्य में कोरोना की वैक्सीन मिल सकती है। यही वजह है कि भारत सरकार ने भी उन लोगों की पहचान करनी शुरू कर दी है, जिन्हें कोरोना वैक्सीन सबसे पहले दी जाएगी।

बता दें कि भारत में सबसे पहले वैक्सीन हेल्थकेयर वर्कर्स, बुजुर्ग लोगों और सबसे ज्यादा खतरे वाली जनसंख्या को दी जाएगी। इनकी संख्या करीब 30 करोड़ हो सकती है। बता दें कि भारत को करीब 60 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डोज मिल सकती हैं।

सरकार ने कोरोना वैक्सीन देने के लिए चार कैटेगरी बनायी हैं, जिनमें एक कैटेगरी हेल्थकेयर वर्कर्स की है, जिनमें 50-70 लाख लोग हैं। इनके अलावा दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे पुलिस, म्युनिसिपल वर्कर्स, आर्म्ड फोर्सेज शामिल हैं। 26 करोड़ लोग 50 साल से ऊपर की उम्र के हैं और एक कैटेगरी उन लोगों की है, जो कोरोना के साथ ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं।

सरकार की इस योजना को विशेषज्ञों का एक समूह लागू करेगा। इस समूह की अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल कर रहे हैं और स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण इसके सह-अध्यक्ष हैं। इस प्लान के पहले चरण में 23 फीसदी जनसंख्या को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत में अभी तीन वैक्सीन ट्रायल चरण से गुजर रही हैं। इनमें ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका तीसरे चरण में है, जिसका ट्रायल सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। इसके तीसरे चरण का डाटा नवंबर या दिसंबर में मिल सकता है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 COVID-19 के बीच त्यौहारी सीजन के मद्देनजर कलाकारों और क्रू मेंबर्स के लिए केंद्र ने जारी किए SOP, जानें गाइडलाइंस
2 Global Hunger Index 2020: 107 मुल्कों की लिस्ट में 94वें पायदान पर भारत, प्रशांत भूषण का तंज- PAK से भी पिछड़े, बढ़िया जा रहे हैं मोदी जी…
3 बुद्धिजीवी बनाए जा रहें कुंद? प्रो.जीएन साईबाबा को नहीं दी जा रही किताबें-खत, चेताया- जेल में बैठ जाऊंगा भूख हड़ताल पर
IPL 2020 LIVE
X