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कोरोनाः भारतीय स्ट्रेन को WHO ने रखा ‘चिंताजनक स्वरूप’ की श्रेणी में; येचुरी बोले- मोदी-शाह गए खामोशी में

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव येचुरी ने दावा किया केंद्र सरकार ने आडंबर वाली चीजों पर पैसा खर्च किया और वैज्ञानिक परामर्शों को खारिज दिया। उन्होंने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जब आपको अस्पताल बनवाने चाहिए तो आप महल बनवा रहे हैं।’’

Edited By अभिषेक गुप्ता संयुक्त राष्ट्र/नई दिल्ली | Updated: May 11, 2021 8:36 AM
पंजाब के जालंधर स्थित एक श्मशान घाट में कोरोना से मरने वाले व्यक्ति के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान रस्म निभाता परिजन। (फोटोः पीटीआई)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड के भारतीय स्वरूप (बी-1617) को वैश्विक स्तर पर ”चिंताजनक स्वरूप” की श्रेणी में रखा है।

डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 तकनीकी दल से जुड़ीं डॉ मारिया वैन केरखोव ने सोमवार को कहा कि सबसे पहले भारत में सामने आए वायरस के स्वरूप बी.1.617 को पहले डब्ल्यूएचओ द्वारा ”निगरानी स्वरूप” की श्रेणी में रखा गया था। उन्होंने कहा कि वायरस के इस स्वरूप को लेकर डब्ल्यूएचओ के विभिन्न दलों के बीच भी चर्चा जारी है और उनकी नजर इस बात पर भी है कि ” हमारे पास इसकी संक्रमण के बारे में क्या क्या जानकारियां हैं तथा भारत एवं अन्य देशों में इस वायरस के प्रसार के बारे में क्या क्या अध्ययन हो रहे हैं।”

केरखोव ने कहा, ”कोविड-19 के भारतीय स्वरूप के बारे में उपलब्ध जानकारी एवं इसकी प्रसार क्षमता पर चर्चा करने के बाद हमने इसे वैश्विक स्तर पर चिंताजनक स्वरूप की श्रेणी में रखा है।” बता दें कि सोमवार (10 मई, 2021) को लगातार चार दिन कोरोना संक्रमण के चार लाख से अधिक नए मामले सामने आने के बाद भारत में एक दिन में कोविड-19 के 3,66,161 मामले सामने आए और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,26,62,575 हो गए थे।

उधर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उस समय में ‘खामोशी की मुद्रा’ में चले गए हैं, जब उन्हें निर्णायक ढंग से काम करने की जरूरत है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति का उल्लेख किया और कहा कि सरकार को सक्रियता से काम करने की जरूरत है।

येचुरी ने दावा किया केंद्र सरकार ने आडंबर वाली चीजों पर पैसा खर्च किया और वैज्ञानिक परामर्शों को खारिज दिया। उन्होंने केंद्र पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘जब आपको अस्पताल बनवाने चाहिए तो आप महल बनवा रहे हैं।’’ माकपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह उस समय में ‘खामोशी की मुद्रा’ में चले गए हैं, जब उन्हें निर्णायक ढंग से काम करने की जरूरत है।

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