‘Coronil’ से 1 करोड़ लोग हुए ठीक, वैक्सीन की लिस्ट में हमारा भी नाम- योगगुरु रामदेव का दावा

बाबा का दावा है कि एक करोड़ तो लोग कोरोनिल खाकर ठीक हो गए। 25-30 करोड़ लोग तो प्राणायाम आदि और गिलोय-तुलसी काढ़ा आदि से ठीक हो चुके हैं।

Baba Ramdev, Coronil, National News
नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में मीडिया के सवालों के जवाब देते बाबा रामदेव। साथ में उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण (सफेद वस्त्रों में)। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः प्रवीण खन्ना)

‘Coronil’ पर योग गुरु और Patanjali Ayurveda Ltd. के प्रमुख स्वामी रामदेव ने बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, इस दवा से लगभग एक करोड़ लोग ठीक हुए हैं, जबकि Coronavirus Vaccine लगवाने वालों की लिस्ट में उनका का भी नाम है। ये बातें उन्होंने शुक्रवार को हिंदी समाचार चैनल ‘ABP News’ से बातचीत के दौरान कहीं। इंटरव्यू के दौरान रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण ने यह भी दावा किया कि मेडिकल क्षेत्र में माफिया घुसे हुए हैं।

केंद्र के दो मंत्री (हर्षवर्धन और गडकरी) पीसी में मौजूद थे। यानी आधिकारिक तौर पर कोरोनिल पर मुहर लग गई है? इस सवाल पर बालकृष्ण ने कहा- जी, बिल्कुल। पिछली बार हमने सारे नियमों का पालन करते हुए दवा बनाई थी। पर रिसर्च पेपर्स में टाइम लगता है, तब लोगों को कहने का मौका मिल गया था। हमें तब इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर लाइसेंस भी नहीं दिया गया था। अब वह कोरोना की दवा के रूप में, समर्थक दवा के रूप में लाइसेंस हो गया है। डीजीसीआई की मंजूरी भी मिल गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘मेडिकल टेररिज्म’ शब्द किसके लिए इस्तेमाल किया? इस पर बालकृष्ण का जवाब आया- कुछ माफिया घुसे हैं, जबकि रामदेव ने कहा- गैर जरूरी दवा, गैर जरूरी ऑपरेशन और टेस्ट। नए डॉक्टर पहले वाले डॉक्टर की रिपोर्ट ही नहीं देखते। हर चीज शुरुआत से कराते हैं। 50 फीसदी कमिशन मिलता है।

मधुमेह के संदर्भ में रामदेव ने बताया- पहले 200 तक दवा देते थे, अब 150 जाते ही इंसुलिन शुरू कर देते हैं। माने 100 लाख करोड़ से अधिक…भारत की कुल जो जीडीपी है, उससे करीब तो दवा माफिया का पूरा कारोबार है। एक व्यापार है। अनावश्यक दवा, परीक्षण और दवा…डब्ल्यूएचओ कहता है कि 90 फीसदी तक कमर के ऑपरेशन की जरूरत नहीं है। मैं कहता हूं कि हमने डायबिटिक मरीजों को सही किया है। विज्ञान के नाम पर अंधविश्वास क्यों फैलाते हो?

बाबा का दावा है कि एक करोड़ तो लोग कोरोनिल खाकर ठीक हो गए। 25-30 करोड़ लोग तो प्राणायाम आदि और गिलोय-तुलसी काढ़ा आदि से ठीक हो चुके हैं। हम किसी से तुलना नहीं करना चाहते, क्योंकि आयुर्वेद इससे छोटा हो जाएगा। पर वैक्सीन की लिस्ट में हमने अंतिम लिस्ट में अपना नाम लिखवाया हुआ है, तब तक कोरोना वायरस सर्दी-जुकाम वाले से भी कमजोर पड़ जाएगा। हालांकि, हम वैक्सीन और ऐलोपैथी के विरोधी नहीं है।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट
X