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अब 31 जुलाई तक ‘घर से काम’ कर सकेंगे IT कर्मचारीः ऐलान कर बोले केंद्रीय मंत्री- Work from Home बने नया प्रतिमान

अनुमान के अनुसार, मौजूदा समय में लगभग 90 फीसदी आईटी कर्मचारी और 70 से 80 प्रतिशत बीपीओ व आईटी क्षेत्र में छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारों से जुड़े लोग घर से काम कर रहे हैं।

Union Cabinet, electronics manufacturing in india, employment, Ravi Shankar Prasad,दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद। (फाइल फोटो)

कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को आईटी कंपनियों के कर्मचारियों को 31 जुलाई तक के लिए घर से काम करने की मंजूरी दे दी। केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंत्रियों और अफसरों के साथ पिछले हफ्ते हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बातचीत के दौरान इस फैसले का ऐलान किया। उन्होंने इस दौरान बाकी मंत्रियों से कहा था- अब वर्क फ्रॉम होम नया प्रतिमान बनना चाहिए।

वैसे, पहले तक वीपीएन नॉर्म्स में 30 अप्रैल तक के लिए रियायतें दी गई थीं। चूंकि, इन्हें अब 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया था, इसलिए केंद्र के इस कदम से आईटी क्षेत्र और बीपीओ कंपनियों को इस संकट काल में खासा मदद और राहत मिलेगी।

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और भी बढ़ सकता है वर्क फ्रॉम होमः समाचार एजेंसी IANS ने सरकारी अफसर के हवाले से बताया- केंद्रीय मंत्री प्रसाद सूबे के डिप्टी सीएम सीएन अश्वथ नारायण की दरख्वास्त पर राजी हो गए हैं, जिसमें उन्होंने केंद्र से हजारों टेक क्षेत्र में काम करने वालों को 31 जुलाई, 2020 तक घर से काम करने की मंजूरी देने को लेकर कहा था। हालांकि, इसे मार्च 2021 तक आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

पटरी पर लाई जा सकती है व्यवस्था: माना जा रहा है कि इस कदम से आईटी दफ्तरों में धीमे-धीमे चरणबद्ध तरीके से कर्मचारी वापस काम पर आने लगेंगे। अनुमान के अनुसार, मौजूदा समय में लगभग 90 फीसदी आईटी कर्मचारी और 70 से 80 प्रतिशत बीपीओ व आईटी क्षेत्र में छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारों से जुड़े लोग घर से काम कर रहे हैं।

सरकार का यह फैसला ठीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस ऐलान से पहले आया है, जिसमें उन्होंने देश में लॉकडाउन का तीसरा चरण लागू करने से जुड़ी घोषणा की थी। दरअसल, लॉकडाउन (पहला) तो 31 मार्च को हट जाना था, पर हालात को देखते हुए इसे 15 अप्रैल के लिए बढ़ा दिया गया। बाद में इसे तीन मई तक के लिए बढ़ाया गया और उसके बाद दो हफ्तों का विस्तार देते हुए 17 मई तक के लिए।

ये विस्तार कर्नाटक के लिए क्यों अहम?: भारत में कर्नाटक को टेक्नोलॉजी का हब (Tech Hub of India) के तौर पर भी जाना जाता है। ऐसे में कर्नाटक ने पहले वाले लॉकडाउन से पहले ही सूबे में हजारों आईटी कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम संबंधी नीतियों को लागू करने के लिए कहा था।

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