ताज़ा खबर
 

‘देश को चाहिए और बड़ा आर्थिक पैकेज’, कोरोना पर राहुल गांधी से बोले नोबेल विजेता- 60% गरीबों को अधिक देने में कुछ बुराई नहीं

अभिजीत बर्नजी ने राहुल गांधी से आगे कहा - सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए ‘आधार’ आधारित दावों से गरीबों की कई मुश्किलें हल हो गई होतीं। गरीबों का बड़ा समूह अब भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं है।

Author नई दिल्ली | Updated: May 5, 2020 11:58 AM
नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी। (फाइल फोटो/पीटीआई)

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच नोबल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने राहुल गांधी से कहा है कि भारत को प्रोत्साहन पैकेज की जरूरत है। हमने अब तक पर्याप्त आर्थिक पैकेज नहीं दिया है। उनके मुताबिक, देश में मांग को फिर से जीवित करना जरूरी है। साथ ही निचले तबके के 60 प्रतिशत लोगों को ज्यादा देने से कुछ बुरा नहीं हो जाएगा। बकौल बनर्जी, “देश में हर किसी को अस्थायी राशन कार्ड दिया जाना चाहिए और, इनका इस्तेमाल उन्हें रुपये, गेंहू और चावल देने के लिए किया जाना चाहिए।

अभिजीत बनर्जी ने राहुल गांधी से कहा – सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए ‘आधार’ दावों से गरीबों की कई मुश्किलें हल हो गई होतीं। गरीबों का बड़ा समूह अब भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। राज्यों को विकल्प दिए जाने चाहिए। उन्हें लॉकडाउन पर अपने हिसाब से फैसला लेने की अनमुति दी जानी चाहिए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से संवाद के दौरान बनर्जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि कोरोना संकट की मार झेल रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए देश की आबादी के एक बड़े हिस्से के हाथों में पैसे पहुंचाने होंगे। भारत सरकार को अमेरिका एवं कुछ अन्य देशों की तरह बड़ा प्रोत्साहन पैकेज देना होगा ताकि लोगों के हाथ में पैसे जाएं और बाजार में मांग बढ़ सके।

गांधी ने पूछा कि क्या ‘न्याय’ योजना की तर्ज पर लोगों को पैसे दिए जा सकते हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर।’’ बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘न्याय’ योजना शुरू करने का वादा किया था। इसके तहत देश के करीब पांच करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये देने का वादा किया गया था।

गांधी के एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद तक पैसे पहुंचाने के लिए राज्य सरकारों और गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जा सकती है।

पिछले दिनों राहुल गांधी ने दिनों भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन के साथ इसी तरह का संवाद किया था। इस संवाद में राजन ने, कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को सावधानीपूर्वक खत्म करने की पैरवी करते हुए कहा था कि गरीबों की मदद के लिए सीधे उनके खाते में पैसे भेजे जाएं और इस पर करीब 65 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 लॉकडाउन में गुजरात से साइकिल पर यूपी में ‘घर जा रहा था’ मजदूर, बीच रास्ते ही तोड़ दिया दम
2 राजस्थान में अंधेरगर्दी! श्रमिकों से लॉकडाउन के बीच गहलोत सरकार के तय किए किराए से 3 गुणा अधिक किराया वसूल रहीं निजी बसें
3 Coronavirus in India HIGHIGHTS: अहमदाबाद में आज आधी रात के बाद से फल, सब्जी, किराना की दुकानें 15 मई तक बंद, स्थानीय प्रशासन का फैसला