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स्क्रीनिंग टेस्ट की लाइन में खड़े थे प्रवासी मजदूर, बच्चे-बूढ़े सभी पर निगम ने कर दिया केमिकल का छिड़काव

प्रवासियों ने बताया कि वे लोग वहां पिछले 48 घंटों से इंतजार कर रहे हैं ताकि बिहार और यूपी जाने के लिए ट्रेन में एक सीट हासिल कर सकें।

Author Edited By प्रमोद प्रवीण नई दिल्ली | Updated: May 23, 2020 11:44 AM
लाजपत नगर के हेमू कलानी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर प्रवासियों पर केमिकल छिड़कते निगम कर्मचारी। (फोटो-स्क्रीनशॉट)

श्रमिक ट्रेन पकड़ने के लिए मेडिकल स्क्रीनिंग टेस्ट करवाने के लिए प्रवासी मजदूर लाइन में खड़े थे तभी दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी टैंकर के साथ वहां पहुंचे और उन पर केमिकल का छिड़काव कर दिया। उनलोगों ने यह भी नहीं देखा कि वहां कई महिलाएं और बच्चे भी हैं। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार (22 मई) को ये वाकया पॉश इलाके लाजपत नगर के हेमू कलानी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बाहर हुआ। इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्टर ने देखा कि दोपहर करीब 3.30 बजे दक्षिणी दिल्ली नगर निमग का नाम छपा एक टैंकर वहां पहुंचा। उसके साथ चार कर्मचारी भी थे।

इनमें से एक कर्मचारी स्कूल के आगे की सड़क को संक्रमण मुक्त करने के लिए छिड़काव कर रहा था, तभी उसने केमिकल की पाइप मजदूरों की ओर मोड़ दिया। इस दौरान दूसरा कर्मचारी उसे ऐसा करने को कह रहा था कि सीधे उन्हीं पर पाइप से केमिकल डालो। केमिकल पड़ते ही कई मजदूर खांसने लगे और वहां से भागने लगे। कुछ लोगों ने भागकर स्टील के पिलर के पीछे बच्चों और महिलाओं को बचाया। कुछ ने अपने को सीधे बैग से ढका।

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लाजपत नगर के पार्षद सुनील सहदेव ने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया। हालांकि, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) के अनुसार, मौके पर मौजूद अधिकारी ने प्रवासियों से “माफी मांगी” और कहा कि उन्हें भोजन और पानी वितरित किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटना को रोकने के लिए उनके कार्यकर्ताओं को भविष्य में “सावधान” रहने के लिए कहा गया है।

प्रवासियों ने बताया कि वे लोग वहां पिछले 48 घंटों से इंतजार कर रहे हैं ताकि बिहार और यूपी जाने के लिए ट्रेन में एक सीट हासिल कर सकें। बाटला हाउस से पैदल चलकर पहुंचे तौफीक (30 साल) नाम के एक प्रवासी ने कहा, “हमें बिहार के समस्तीपुर जाना है। हमने पहले चिलचिलाती धूप सहे। पुलिस के भेदभावपूर्ण रवैया झेले और अब केमिकल। अब हम पर कोई फर्क नहीं पड़ता, हमें घर जाना है लेकिन हमें ये मालूम भी नहीं कि क्या मेरी ट्रेन निर्धारित समय पर है भी या नहीं। मैं यहां कल रात से ही इंतजार कर रहा हूं। आगे और इंतजार करने को तैयार हूं ताकि किसी तरह मुझे ट्रेन में सीट मिल सके।”

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