ताज़ा खबर
 

इस IPS अफसर का फोन नंबर ही बन गया प्रवासी मजदूरों के लिए हेल्पलाइन नंबर, 400 मजदूरों को दिया राशन पैकेट, सुधा मूर्ति ने भी बंटाया हाथ

सीमांत कुमार सिंह भी मदद मांगने वाले मजदूरों की पूरी मदद कर रहे हैं। इस अभियान में उन्हें समाजसेविका सुधा मूर्ति और शहर के आईटी सेक्टर और विभिन्न एनजीओ का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।

बेंगलुरू के आईजी (प्रशासन) सीमांत कुमार सिंह। (इमेज सोर्स- फेसबुक/@अजय सिंह)

कोरोना वायरस के चलते जारी लॉकडाउन में पुलिस विभाग पूरे समर्पण से लोगों की मदद करने में जुटा है। इसके बीच कर्नाटक पुलिस के आईजी (प्रशासन) सीमांत कुमार सिंह बेंगलुरू में रहने वाले हजारों मजदूरों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं। दरअसल सीमांत कुमार सिंह बेंगलुरू में फंसे झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ के हजारों मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं।

सीमांत कुमार सिंह का फोन नंबर बना मजदूरों के लिए हेल्पलाइनः दरअसल लॉकडाउन का ऐलान होने के बाद बेंगलुरू में फंसे मजदूरों ने अपने गृह राज्य में रह रहे रिश्तेदारों को मदद के लिए फोन करना शुरू किया। जिससे मजदूरों की यह व्यथा किसी रसूखदार व्यक्ति तक पहुंची और वहां से बेंगलुरू के आईजी सीमांत कुमार सिंह के पास। इस पर सीमांत कुमार सिंह ने बेंगलुरू में रह रहे यूपी, बिहार, झारखंड व अन्य राज्यों के 400 प्रवासी मजदूरों के लिए राशन के पैकेट बांटे।

सीमांत कुमार सिंह द्वारा की गई मदद की बात अन्य मजदूरों में भी फैली तो अन्य मजदूरों ने भी उनके नंबर पर मदद के लिए फोन करना शुरू कर दिया। अब स्थिति यह हो गई है कि सीमांत कुमार सिंह के फोन पर हर रोज करीब 300 कॉल आ रही हैं। फोन करने वाले लोगों को यह भी नहीं पता है कि वह किसे फोन कर रहे हैं और वह इसे हेल्पलाइन नंबर समझ रहे हैं।

वहीं सीमांत कुमार सिंह भी मदद मांगने वाले मजदूरों की पूरी मदद कर रहे हैं। इस अभियान में उन्हें समाजसेविका सुधा मूर्ति और शहर के आईटी सेक्टर और विभिन्न एनजीओ का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अब तो सीमांत कुमार सिंह के नंबर पर केरल, गुजरात आदि राज्यों में फंसे मजदूरों का भी कॉल आ रहा है। जिसके लिए सीमांत कुमार सिंह अपने बैचमेट अधिकारियों के पास मदद का अनुरोध भेज देते हैं।

जब इस बारे में सीमांत कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि “अधिकतर लोगों को यह भी नहीं पता कि यह नंबर एक आईपीएस अधिकारी का है। वह इसे प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर समझते हैं। कुछ लोग तो उन्हें घर भेजने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की भी मांग करते हैं और मुझसे टिकट बुक करने के लिए कहते हैं।”

सिंह का कहना है कि “बहुत से लोग जरूरतमंदों की मदद करना चाहते हैं लेकिन उन्हें पता ही नहीं है कि मदद कैसे करनी है। जब मजदूरों की मेरे नंबर पर कॉल आती है तो मैं उनसे जानकारी लेकर पुलिस, एनजीओ और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देता हूं और इस तरह जरूरतमंद तक मदद पहुंच जाती है।”

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 कांग्रेस विधायक ने कहा- शराब पीने से दूर होगा गले का कोरोना, मुख्यमंत्री गहलोत दें खोलने के आदेश
2 Weather Forecast 1 May 2020 Highlights: दिल्ली में मौसम सुहाना, तो बंगाल में गिरा पानी; जानिए अगले 24 घंटे कैसा रहेगा आपके यहां मौसम
3 कोरोना: बीजेपी विधायक ने मांगे दान में दिए 25 लाख रुपये, कहा- योगी सरकार नाकाम रही