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2021 की शुरुआत में आ रही है COVID-19 Vaccine! अब SII की ओर से भी आए संकेत; स्वास्थ्य मंत्री भी जता चुके हैं उम्मीद

डॉक्टर जाधव ने साफ किया कि आम तौर पर वैक्सीन बनने में 8-10 साल लगते हैं लेकिन यह तीसरा मौका है जब इतने कम समय में वैक्सीन तैयार करने के योग्य हो पाए हैं। WHO ने भी इसकी प्रक्रिया को तेज औऱ आसान बनाने में आगे बढ़कर काम किया है।

Author Edited By Nishant Nandan October 17, 2020 8:50 AM
corona, vaccine, covid -19मार्च 2021 तक देश में कोरोना वैक्सीन के आने की उम्मीद है। सांकेतिक तस्वीर।

Serum Institute of India के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉक्टर सुरेश जाधव ने साफ किया है कि भारत को 2021 के मार्च महीने तक कोविड-19 की वैक्सीन मिल सकती है। ‘The Indian Express’ से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ किया कि भारत कोरोना वैक्सीन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस दिशा में कई कंपनियां तेजी से प्रयासरत हैं। इनमें से 2 फेज-3 के ट्रायल में है जबकि एक अन्य फेज-2 के ट्रायल में है। कई और कंपनियां इस होड़ में शामिल हो चुकी हैं।

World Health Organization के मुख्य वैज्ञानिक डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथ ने कहा कि किसी भी वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगले साल के तीसरे महीने तक कोविड-19 की वैक्सीन तैयार हो जानी चाहिए। ‘The Indian Express’ से उन्होंने कहा कि जनवरी 2021 से हम इसके परिणामों को देखने के योग्य हो जाएंगे और उम्मीद है कि अगले साल के क्वार्टर तक SARS-CoV-2 से लड़ने के लिए वैक्सीन तैयार हो जानी चाहिए।’

डॉक्टर स्वामीनाथन ने कहा कि वैक्सीन के आने के बाद 70 प्रतिशत लोगों को इसे लगाए जाने की जरुरत होगी ताकि वायरस के ट्रांसमिशन के चेन को तोड़ा जा सके। India Vaccine Accessibility e-Summit को संबोधित करते हुए डॉक्टर जाधव ने कहा कि ‘अगर एक बार सभी चीजें सही दिशा में चल पड़ती हैं तब हम हर साल 700-800 मिलियन वैक्सीन तैयार कर सकेंगे।

हालांकि हमारी 55 फीसदी आबादी 50 साल से कम उम्र के लोगों की है। वैक्सीन की उपलब्धता को देखते हुए सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को यह वैक्सीन दिया जाना चाहिए। इसके बाद 60 की उम्र से ऊपर के लोगों को यह वैक्सीन दिया जाना चाहिए।’

उन्होंने कहा कि जहां तक Serum Institute की बात है तो ‘हम दिसंबर 2020 तक हम वैक्सीन के 60-70 मिलियन डोज बना लेंगे, लेकिन बाजार में इसकी उपलब्धता 2021 से ही हो पाएगी क्योंकि इतना समय लाइसेंस के क्लीयर होने में लगेगा। इसके बाद हम सरकार से अनुमति लेकर ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन तैयार करेंगे।’

डॉक्टर जाधव ने साफ किया कि आम तौर पर वैक्सीन बनने में 8-10 साल लगते हैं लेकिन यह तीसरा मौका है जब इतने कम समय में वैक्सीन तैयार करने के योग्य हो पाए हैं। WHO ने भी इसकी प्रक्रिया को तेज औऱ आसान बनाने में आगे बढ़कर काम किया है।

इस कार्यक्रम में मौजूद अंतरराष्ट्रीय उपभोक्त नीति के विशेषज्ञ प्रोफेसर बिजॉन कुमार मिश्रा ने कहा कि वैक्सीन के पूरी तरह से इस्तेमाल से पहले जरुरी है कि यह टेस्ट के हर पड़ाव को पार करे।

आपको याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा था कि अगले साल की शुरुआत में भारत को एक से अधिक स्रोतों से कोरोना वायरस की वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। डॉक्टर हर्षवर्धन ने बताया था कि भारत में अगले साल की शुरुआत में कोरोनो वायरस का टीका लगने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा था कि ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में हमारे पास एक से अधिक स्रोतों से देश में टीका होना चाहिए…ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक के दौरान हर्षवर्धन ने कहा कि हमारे विशेषज्ञ समूह देश में वैक्सीन के वितरण को कैसे शुरू करें, इसकी योजना बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।’

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