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CORONAVIRUS: चीन से 112, जापान से 124 लोग लाए गए

वुहान से ग्लोबमास्टर विमान से लाए गए 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक , एअर इंडिया के विमान से तोक्यो से लाए गए 124 लोग, इनमें में श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू के नागरिक भी।

गुरुवार को वुहान से 112 लोगों को लेकर आया, जिनमें 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक शामिल हैं। वुहान से विमान में लाए गए 36 विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के 23, चीन के छह, म्यांमा एवं मालदीव के दो-दो और दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका तथा मेडागास्कर का एक-एक नागरिक शामिल है।

भारत ने चीन के वुहान और तोक्यो में फंसे भारतीयों में से कुछ लोगों को निकाला है। गुरुवार को दोनों जगहों के लिए भेजे गए गुरुवार को लौट आए। भारतीय वायुसेना का एक परिवहन विमान कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान शहर से 112 लोगों को लेकर आया, जिसमें 36 विदेशी नागरिक भी थे। इसके साथ ही, एअर इंडिया का एक विमान 124 लोगों को तोक्यो से भारत लेकर आया, जो जापान में अलग-थलग खड़े किए गए पोत पर सवार थे। इस पोत पर सवार लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, सी-17 ग्लोबमास्टर विमान को चीन में कोरोना वायरस प्रभावित लोगों के लिए 15 टन चिकित्सकीय सामग्री लेकर बुधवार को वुहान भेजा गया था। यह गुरुवार को वुहान से 112 लोगों को लेकर आया, जिनमें 76 भारतीय और 36 विदेशी नागरिक शामिल हैं। वुहान से विमान में लाए गए 36 विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के 23, चीन के छह, म्यांमा एवं मालदीव के दो-दो और दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका तथा मेडागास्कर का एक-एक नागरिक शामिल है।

दूसरी ओर, एअर इंडिया का एक विमान 124 लोगों के समूह को तोक्यो से भारत लेकर आया। जापान से लाए गए 124 लोगों में से 119 भारतीय, श्रीलंका के दो और नेपाल, दक्षिण अफ्रीका तथा पेरू का एक-एक नागरिक शामिल है। यह समूह उन 3,711 लोगों में शामिल था, जो कोरोना वायरस की जद में आए क्रूज पोत ‘डायमंड प्रिंसेस’ पर सवार थे।
इस पोत को तीन फरवरी को तोक्यो के पास योकोहामा बंदरगाह पर अलग-थलग खड़ा कर दिया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘भारत की पड़ोसी प्रथम की नीति और भारत-प्रशांत विजन के मद्देनजर विशेष उड़ान से पांच विदेशी नागरिकों-श्रीलंका के दो, नेपाल के एक, दक्षिण अफ्रीका के एक और पेरू के एक नागरिक को भी लाया गया।’ चालक दल के तीन भारतीय सदस्य एअर इंडिया की उड़ान में सवार नहीं हुए। उन्होंने जापान सरकार द्वारा पोत को अलग-थलग रखने की बढ़ाई गई अवधि पूरी होने तक पोत पर ही रहने की इच्छा व्यक्त की।

‘डायमंड प्रिंसेस’ पर सवार रहे 138 भारतीय नागरिकों में से चालक दल के 16 भारतीय सदस्य कोरोना वायरस से पीड़ित पाए गए हैं और जापान में तट के किनारे स्थित एक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करा रहे हैं। वुहान और जापान से लाए गए सभी लोगों को भारतीय सेना के मानसेर स्थित एक केंद्र में 14 दिन तक अलग-थलग रखा जाएगा।
इससे पहले, भारत एअर इंडिया के दो विमानों के जरिए वुहान से करीब 650 भारतीयों को लाया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अब तक तीन उड़ानों के जरिए चीन के वुहान से कुल 723 भारतीय और 43 विदेशी नागरिकों को बाहर निकाला गया है।’ विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत कोरोना वायरस संक्रमण को नियंत्रित करने के चीनी प्रयासों में उसकी मदद करेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘यह सहायता चीन के लोगों के प्रति भारत के लोगों की एकजुटता और मित्रता की भी प्रतीक है। दोनों देश इस साल राजनयिक संबंध स्थापित होने की 70वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं।’

लौटे लोगों को पृथक केंद्र ले जाया गया
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार को बताया कि जापान से लाए गए लोगों को मानेसर स्थित सेना के शिविर में और वुहान से लाए गए लोगों को छावला में आइटीबीपी केंद्र में अलग रखा जाएगा। मंत्री ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों, हमारे सशस्त्र बलों, चिकित्सकों, एअर इंडिया, चीन और जापान में स्थित हमारे दूतावासों और अन्य पक्षों के सहयोग से इतनी बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित लाना संभव हुआ है। भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के अनुरूप हमने भारतीय नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों को जापान और वुहान से सुरक्षित निकाला।

हर्षवर्धन ने कहा कि संयुक्त सचिव स्तर के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी कोरोना वायरस की निगरानी की तैयारी और प्रबंधन का जायजा लेने के लिए विभिन्न राज्यों में हैं। इससे राज्य स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने और इस रोग के बारे में चिंता के समाधान में मदद मिलेगी। इन अधिकारियों को अनुपालन के लिए एक जांच सूची दी गई है, वे दो मार्च को मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। मंत्री ने कहा कि अब तक 4,787 उड़ानों से आए 4,87,927 यात्रियों की स्क्रिनिंग की गई। यह स्क्रिनिंग 21 हवाई अड्डों, 12 अन्य बंदरगाहों और विशेष रूप से नेपाल के साथ लगी सीमा के प्रवेश स्थलों पर की गई। वर्तमान में सामुदायिक निगरानी में 23,531 लोग हैं। इसके अलावा 2836 नमूने जांच के लिए भेजे गए, जिसमें 2830 निगेटिव पाए गए, केरल में तीन पॉजिटिव पाए गए और इन तीनों रोगियों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। अभी तीन नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी शेष है। मानेसर और छावला शिविर में रखे गए 645 यात्रियों को 18 फरवरी को छुट्टी दे दी गई।

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