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Coronavirus: विदेश से लौटे डॉक्टर में थे कोरोना के लक्षण, पर नहीं कराई जांच, देखता रहा मरीज, अब पूरा हॉस्पिटल क्वारंटाइन

Coronavirus in India: एक डॉक्टर की गलती की वजह से पूरे हॉस्पिटल को क्वारंटाइन किया गया है। मामले में कोच्ची में काम करने वाले डॉक्टर दामोदरन ने बताया कि वायरस के चलते जो गाइडलाइन तय की गई हैं, वो सही नहीं है। शुरुआत में ही बुखार, खांसी, सर्दी, जुकाम वाले मरीजों की जांच नहीं की जाएगी तो, समय पर कैसे पता चलेगा की उनमें कोरोना के संक्रमण हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (इंडियन एक्सप्रेस)

Coronavirus in India: घातक कोरोना वायरस एक ऐसी बीमारी है, जिससे बचने के लिए सावधानियां ना बरती जाएं तो यह बुरी तरह फैल सकता है। ऐसा एक मामला भारत में सामने आया है, जहां एक डॉक्टर की लापरवाही के चलते पूरे हॉस्पिटल को क्वारंटाइन किया गया है। एनबीटी में छपी खबर के मुताबिक स्पेन से लौटे एक डॉक्टर में कोरोना वायरस के लक्षण थे, मगर उन्होंने अपनी जांच कराना जरूरी नहीं समझा। इस बीच डॉक्टर ने ओपीडी में मरीजों को भी देखा, दोस्तों और स्टाफ संग भी मुलाकात की। वह कई दिनों तक हॉस्पिटल आते रहे।

कुछ दिनों बाद वायरस ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। डॉक्टर की जांच की गई तो उनमें कोरोना वायरस के लक्षण की पुष्टि हुई। एक डॉक्टर की गलती की वजह से पूरे हॉस्पिटल को क्वारंटाइन किया गया है। मामले में कोच्ची में काम करने वाले डॉक्टर दामोदरन ने बताया कि वायरस के चलते जो गाइडलाइन तय की गई हैं, वो सही नहीं है। शुरुआत में ही बुखार, खांसी, सर्दी, जुकाम वाले मरीजों की जांच नहीं की जाएगी तो, समय पर कैसे पता चलेगा की उनमें कोरोना के संक्रमण हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पहले ही जांच कर ली जाती तो हॉस्पिटल को क्वारंटाइन करने की नौबत नहीं आती।

उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोना वायरस के कुल 147 मामले सामने आ चुके हैं। इसी बीच लेह में सेना का 34 वर्षीय एक जवान कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। सशस्त्र बलों में किसी के कोविड-19 से संक्रमित होने का यह पहला मामला है। सैनिक लेह के चुचोट गांव का रहने वाला है और वायरस से संक्रमित अपने पिता के सम्पर्क में आने के कारण वह भी इससे प्रभावित हो गया है।

सूत्रों ने बताया कि जवान के पिता ईरान से तीर्थ यात्रा करके ‘एअर इंडिया’ के विमान से 20 फरवरी को वापस लौटे थे, जिसके बाद उनके कोविड-19 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वह 29 फरवरी से ‘लद्दाख हार्ट फाउंडेशन’ में पृथक रह रहे हैं। पृथक किए जाने से पहले जवान के पिता अपने परिवार के सदस्यों से मिले थे। सूत्रों ने बताया कि जवान 25 फरवरी से छुट्टी पर था और दो मार्च को वापस नौकरी पर लौटा था। सात मार्च को उसे बाकियों से पृथक कर दिया गया था और 16 मार्च को उसके वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। (एजेंसी इनपुट)

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