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कोरोना: लॉकडाउन हटे भी तो ऐसे- जान‍िए, ‘एग्‍ज‍िट स्‍ट्रैटजी पेपर’ में दी गई क्‍या सलाह

Coronavirus in India: सुझाव के मुताबिक कोरोना वायरस के लिहाज से कम जोखिम वाले क्षेत्रो में आवश्यक सेवाओं के संचालन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं। इन क्षेत्रों में रेलवे, रोडवेज और जलमार्ग में अंतर-राज्य यात्रा की अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते कि गंतव्य में उच्च जोखिम वाले स्थान शामिल न हों।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

Coronavirus in India: देश में 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन लागू रहेगा या हटेगा, इस पर केंद्र सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं किया गया है। हालांकि कई राज्य सरकारें लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने के पक्ष में हैं। इसी बीच इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट (IRITM) के सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग ने ‘एग्‍ज‍िट स्‍ट्रैटजी पेपर’ में चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी लॉकडाउन को हटाने के कई सुझाव दिए हैं।

इसमें सलाह दी गई कि कोरोना वायरस के सक्रिय जोखिम भरे मामलों के आधार पर देश में जिलों को अलग किया जाए। हर जगह बुजुर्गों को घरों तक ही सीमित रखा जाए। एक जगह पचास से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति ना दी जाए। ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में धार्मिक, राजनीतिक समारोह पर रोक लगाई जाए। कोरोना संक्रमण से कम प्रभावित वाले जिलों के बीच अंतर-राज्यीय यात्रा को खोल दिया जाए।

पेपर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। जानकारी मिली है कि इसके सुझाव नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार से भी साझा किए गए हैं। बता दें कि एग्‍ज‍िट स्‍ट्रैटजी पेपर में कोरोना वायरस के लिहाज से ज्यादा जोखिम भरे जिलों की वैज्ञानिक रूप से पहचान करने और उन्हें देश के बाकी हिस्सों से अलग करने का प्रस्ताव है। इसमें 21 दिनों के देशव्यापी बंद के बाद आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने की भी बात कही गई है।

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उदाहरण के लिए कोरोना प्रभावित राज्यों को कई वर्गों में विभाजित किया गया है। जैसे कोरोना वायरस के पांच संक्रमितों वाले वो राज्य, जहां पिछले सात दिनों में इस वायरस का नया मामला सामने नहीं आया है, या जहां सक्रिय संक्रमितों का घनत्व प्रति दस लाख जनसख्या .01 हैं और ऐसे मामले सिर्फ एक जिले तक सीमित हैं। पेपर में जहां तक संभव हो कुछ निश्चित कार्यों के साथ इन्हें सामान्य स्थिति में वापस लाने का प्रस्ताव रखा गया है।

सुझाव के मुताबिक कोरोना वायरस के लिहाज से कम जोखिम वाले क्षेत्रो में आवश्यक सेवाओं के संचालन के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं। इन क्षेत्रों में रेलवे, रोडवेज और जलमार्ग में अंतर-राज्य यात्रा की अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते कि गंतव्य में उच्च जोखिम वाले स्थान शामिल न हों।

इसमें सलाह दी गई कि घरेलू एयरलाइन इन जगहों पर अपनी सेवाएं दे सकती हैं। इसमें कहा गया, ‘जिन जिलों में कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गए और पिछले 28 दिनों से वहां किसी भी नए मामले की पुष्टि नहीं हुई है, उन्हें राज्य के बाकी हिस्सों के साथ अंतर-जिला आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है।’

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