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अमेरिका जैसे देशों को सप्लाई के बाद भारत में ही Hydroxychloroquine की शॉर्टेज, राजस्थान को मजबूरन लौटाना पड़ा स्टॉक

Coronavirus in India: राजस्थान में सरकार को 300 एमजी टैबलेट का पूरा स्टॉक वापस लौटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मलेरिया रोधी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (hydroxychloroquine) को निर्यात की अनुमति देने के बाद देश में इस दवा की कमी के मामले सामने आने लगे हैं।

Coronavirus in India: नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मलेरिया रोधी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (hydroxychloroquine) को निर्यात की अनुमति देने के बाद देश में इस दवा की कमी के मामले सामने आने लगे हैं। राजस्थान में सरकार को 300 एमजी टैबलेट का पूरा स्टॉक वापस लौटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बता दें कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल कोरोना वायरस के इलाज के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स (IBT) में छपी एक खबर के मुताबिक राज्य सरकार ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन 200/400 एमजी टैबलेट्स के 25 फीसदी स्टॉक को भी वापस भेज दिया है।

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प्रदेश में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए इस दवा का स्टॉक अपने पास रखा था। बताया गया कि इस दवा का इस्तेमाल ज्यादा गंभीर मामले वाले मरीजों के लिए किया जा सकता है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन मलेरिया के मरीजों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। इसका इस्तेमाल गठिया के इलाज के लिए भी किया जाता है। कोरोना वायरस के चलते इस दवा की मांग में अचानक उछाल के चलते इसकी आपूर्ति में कमी होने लगी है। इस दवा की कमी के चलते गठिया के मरीजों के लिए भी असुविधा पैदा होने लगी है।

मामले में राजस्थान की पत्रकार तबीना अंजुम @TabeenahAnjum ने ट्विटर पर लिखा, ‘जयपुर में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की एक भी गोली उपलब्ध नहीं है। अगर कोरोना के मरीजों के लिए इलाज के लिए इसकी जरुरत पड़ी तो हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन नहीं मिल सकती। गठिया के मरीज HCQS से वंचित हैं। स्टॉक कहां गया? और फिर आप भारत को ट्रंप के सामने घुटने टेकते हुए देखते हैं।’

यहां देखें ट्वीट-

IBT में छपी खबर के मुताबिक भारत ने ट्रंप की धमकी के आगे झुकते हुए इस दवा के निर्यात की अनुमति दे दी। बता दें कि पूर्व में भारत ने भारत ने 26 फार्मास्यूटिकल सामग्रियों के निर्यात और उनसे बनी दवाओं को कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर घरेलू मांग को देखते हुए प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से दवाइयों की आपूर्ति करने की मांग की और मना करने पर ‘प्रतिशोध’ की धमकी दी।

ट्रंप की धमकी के चंद घंटों बाद भारत सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि देश कोरोना वायरस से प्रभावित देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करेगा। बयान में कहा गया कि कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहे सभी पड़ोसी देशों को भी दवा की आपूर्ति की जाएगी।

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