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कोरोना काल में मरीजों के मसीहा बने पद्मश्री डॉ.केके अग्रवाल का देहांत; IMA बोला- दूसरी लहर में 270 चिकित्सकों की जा चुकी है जान

इसी बीच, भारतीय चिकित्सक संघ (आईएमए) ने मंगलवार को बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर में संक्रमण से 270 चिकित्सकों की मौत हुई है।

बता दें कि भारत में एक दिन में कोविड-19 से 4,329 और लोगों की मौत के बाद इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2,78,719 हो गई। (फोटोःFB-KK Aggarwal/PTI)

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ.केके अग्रवाल नहीं रहे। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे और नई दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में इलाज करा रहे थे। 62 वर्षीय डॉक्टर वहां वेंटिलेटर सपोर्ट पर पिछले हफ्ते से थे, जबकि सोमवार को उन्होंने अंतिम सांसें लीं।

डॉ.अग्रवाल ने कोरोना काल में मरीजों की खूब मदद की थी। बताया जाता है कि वह आर्थिक तौर पर कमजोर मरीजों को मुफ्त में इलाज और कंस्लटेशन मुहैया कराते थे। यही नहीं, अस्पताल में भर्ती होने के दौरान उन्होंने बेड पर लेटे-लेटे भी कई लोगों को मेडिकल सलाह दे उनका मार्गदर्शन किया था। वह पिछले एक साल से कोरोना महामारी को लेकर लगातार वीडियो शेयर कर रहे थे और इस बीमारी के विभिन्न पहलुओं और उससे निपटने सरीखी चीजों को लेकर बातें करते थे।

वह कार्डियोलॉजिस्ट थे और Heart Care Foundation of India के प्रमुख थे। उन्होंने साल 2005 में Dr BC Roy Award और 2010 में Padma Shree से सम्मानित किया गया था। उन्होंने दिल्ली से अपनी स्कूलिंग की थी, जबकि महाराष्ट्र स्थित नागपुर विवि से एमबीबीएस किया था।

K K Aggarwal डॉ.अग्रवाल की याद में उनके टि्वटर हैंडल से यह फोटो शेयर किया गया।

इसी बीच, भारतीय चिकित्सक संघ (आईएमए) ने मंगलवार को बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर में संक्रमण से 270 चिकित्सकों की मौत हुई है। इस सूची में आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का नाम भी शामिल है, जिनकी संक्रमण से सोमवार को मौत हो गई थी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 78 चिकित्सकों की मौत बिहार में हुई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 37, दिल्ली में 29 और आंध्र प्रदेश में 22 चिकित्सकों की मौत हुई।

आईएमए कोविड-19 पंजीकरण के अनुसार, वैश्विक महामारी की पहली लहर में 748 चिकित्सकों की मौत संक्रमण से हुई थी। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जेए जयालाल ने कहा, ‘‘ पिछले साल, भारत में कोविड-19 से 748 चिकित्सकों की मौत हुई थी और मौजूदा लहर में इतनी कम अवधि में हमने 270 चिकित्सक खो दिए हैं।’’ उन्होंने कहा,‘‘ वैश्विक महामारी की दूसरी लहर सभी के लिए बेहद घातक साबित हो रही है, खासकर स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए, जो अग्रिम मोर्चे पर तैनात हैं।’’

बता दें कि भारत में एक दिन में कोविड-19 से 4,329 और लोगों की मौत के बाद इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 2,78,719 हो गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 2,63,533 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,52,28,996 हो गई। पिछले 28 दिन में सामने आए यह सबसे कम मामले हैं। इससे पहले 20 अप्रैल को 24 घंटे में 2,59,170 मामले सामने आए थे।

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 33,53,765 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 13.29 प्रतिशत है। अभी तक कुल 2,15,96,512 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 85.60 प्रतिशत है। वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.10 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी।

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