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दिल्ली, महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों में कोरोना से निपटने के लिए नाकाफी हैं ICU बेड, वेंटिलेटर्स; केंद्र ने किया आगाह

Covid-19: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अनुमान है कि शहर तीन जून से ही आईसीयू बेड की कमी का सामना कर रहा है। इसी तरह 12 जून को वेंटिलेटर की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

Author Translated By Ikram नई दिल्ली | Updated: June 12, 2020 10:35 AM
covid-19कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राज्य के मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई प्रेजेंटेशन में ये अनुमान लगाया गया है।

Covid-19: देश में कोरोना वायरस महामारी फैलने की रफ्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने पांच राज्यों को आगाह किया है। सरकार ने अनुमान लगाया कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और उत्तर प्रदेश को जून और अगस्त के बीच आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की कमी का सामना करना पड़ सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अनुमान है कि शहर तीन जून से ही आईसीयू बेड की कमी का सामना कर रहा है। इसी तरह 12 जून को वेंटिलेटर की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा 25 जून से ऑक्सीजन लगे आईसोलेशन बेड की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राज्य के मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई प्रेजेंटेशन में ये अनुमान लगाया गया है। महाराष्ट्र में 8 अगस्त को आईसीयू बेड की कमी का अनुमान है। 27 जुलाई को इस राज्य को वेंटिलेटर की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसी तरह तमिलनाडु में 9 जुलाई को आईसीयू बेड और वेटिंलेटर की कमी हो जाएगी। ऑक्सीजन लगे आईसोलेशन बेड की 21 जुलाई को कमी होगी।

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मौजूदा रुझानों को देखते हुए इसी तरह के अनुमान पांच अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए लगाए गए हैं। इनमें हरियाणा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों को अगले दो महीने के लिए अग्रिम योजना के जरिए प्रर्याप्त अस्पताल क्षमता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य प्रणाली के अपडेशन पर प्रमुखता से जोर देने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा गया।

अनुमान में गुरुग्राम, मुंबई, थाणे, पालघर, जलगांव, जालौन, चेन्नई और गौतम बुद्ध नगर सहित 17 जिलों को आगाह किया गया है कि अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो इन्हें अगले एक महीने में क्षमता की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रेजेंटेशन में दो सप्ताह पहले कोरोना की पुष्टि की दर 4.87 से बढ़कर 5.7 फीसदी होने का भी संकेत दिया गया। इसमें कहा गया कि 13 राज्यों के 46 जिलों में 9 जून के आकंड़ों के मुताबिक कोरोना मरीजों की पुष्टि की दर से 10 फीसदी से भी ज्यादा है। यहां कोरोना दर का मतलब 100 मरीजों पर किए गए टेस्ट में संक्रमित मरीजों की संख्या से है।

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