कोरोना संकट सिर पर, देश के 183 जिलों में चंद के पास आइसोलेशन बेड; इंफ्रास्ट्रक्चर में यूपी, बिहार व असम का हाल सबसे खराब

Coronavirus in India: आंकड़ों के मुताबिक देश भर के 183 जिलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड हैं। इनमें से 67 जिलों में कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं।

coronavirus in india
घातक कोरोना वायरस लगातार देशभर में अपने पैर पसार रहा है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Coronavirus in India: केंद्र सरकार ने रविवार (26 अप्रैल, 2020) को देश में घातक कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में राज्यों की तैयारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की है। इसमें विभिन्न राज्यों में विशेष रूप से आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की कमी नजर आई। बैठक में दिए गए प्रेजेंटेशन के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में इन तीनों प्रकार के उपकरणों की भारी कमी वाले जिलों की संख्या सबसे अधिक थी। प्रेजेंटेशन 23 अप्रैल तक के आंकड़ों पर आधारित थी।

कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश भर के 183 जिलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड हैं। इनमें से 67 जिलों में कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश के 75 में से 53 जिलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड हैं। इनमें 31 जिलों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

बिहार 38 में से 20 जिलों के साथ 100 से कम आइसोलेशन बेड के साथ देश में दूसरे नंबर पर है। जिन जिलों में आईसोलेशन बेड कम हैं, ऐसे 9 जिलों में कोरोना वायरस के मामले में सामने आए हैं। इसके अलावा असम के 33 से में 19 जिलों में 100 से कम आइसोलेशन बेड हैं और ऐसे छह जिलों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। आइसोलेशन बेड की कमी से जूझ रहा असम लिस्ट में तीसरे नंबर पर है।

Coronavirus in India Live Updates

प्रेजेंटेशन में कोरोना के खिलाफ इन राज्यों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी दर्ज किया गया। यूपी में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले तीन जिले सहारनपुर, फिरोजाबाद और रायबरेली हैं। यहां आईसीयू बेड की जरुरत को तत्काल रेखांकित किया गया है। प्रेजेंटेशन के मुताबिक देश के 143 जिलों में आईसीयू बेड ही नहीं हैं। खास बात है कि इनमें से 47 जिलों में कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों की संख्या भी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक है। प्रदेश के 34 जिलों में एक भी आईसीयू बेड नहीं है। ऐसे 19 जिलों में संक्रमण के मामले सामने आए हैं।

कोरोना वायरस से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें | गृह मंत्रालय ने जारी की डिटेल गाइडलाइंस | क्या पालतू कुत्ता-बिल्ली से भी फैल सकता है कोरोना वायरस? | घर बैठे इस तरह बनाएं फेस मास्क | इन वेबसाइट और ऐप्स से पाएं कोरोना वायरस के सटीक आंकड़ों की जानकारी, दुनिया और भारत के हर राज्य की मिलेगी डिटेलक्या गर्मी बढ़ते ही खत्म हो जाएगा कोरोना वायरस?

इस मामले में मध्य प्रदेश दूसरे नंबर हैं, जहां 31 जिलों में एक भी आईसीयू बेड नहीं है। इन्हीं 11 जिलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है। लिस्ट में बिहार तीसरे नंबर है, जहां ऐसे जिलों की संख्या 29 है और 10 जिलों में संक्रमण के मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

इसके अलावा देश के 123 जिलों में जीरो वेंटीलेटर बेड हैं। इनमें से 39 जिलों में संक्रमण के मामले देखे गए हैं। जिन जिलों में वेंटिलेटर नहीं है ऐसे यूपी में 35 जिले हैं और इनमें से 20 जिलों में कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे जिलों की संख्या बिहार में 28 और असम में 17 है। जिनमें क्रमश: 10 और 3 जिलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

बैठक में 3 मई के अनुमानों के आधार पर बुनियादी ढांचे की कमी की संभावना को भी चिह्नित किया। उदाहरण के लिए इसमें सुझाव दिया कि मुंबई 2 मई तक ऑक्सीजन के साथ आइसोलेशन बेड की कमी का सामना कर सकता है। अनुमान है कि प्रदेश में 2 मई तक 9632 कोरोना केस हो सकते हैं। बैठक में देश के ऐसे दस जिलों का भी रिकॉर्ड दर्ज किया गया है जहां सबसे अधिक कोरोना मरीजों के लिए बेड का इस्तेमाल किया गया है।

जैसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 30 बेड हैं और कोरोना के एक्टिव केस 62 है। सूरत में 253 बेड हैं और एक्टिस मामलों की संख्या 440 है। मुंबई में कुल 2260 बेड हैं मगर कोरोना के रिकॉर्ड 3615 मरीज हैं। मरीजों की संख्या के चलते बेड की कमी का सामना कर रहे दस जिलों में चार यूपी और दो गुजरात के हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट