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कोरोना ने बनाया नया रिकॉर्ड: मौतों में पाँचवे नम्बर पर पहुँचा भारत, आधी मौतें केवल जुलाई में

देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों वाले 20 शहरों में संक्रमण दर में भी दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है। राष्ट्रीय दर जहां 8.7 फीसदी है। वहीं इन शहरों में यह 17 फीसदी हो गई है।

Coronavirus covid19 death tollकोरोना वायरस संक्रमण के चलते भारत में 35 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। (AP photo)

कोरोना संक्रमण की स्थिति भारत में लगातार भयावह होती जा रही है। हालात ये हैं कि भारत कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों के मामले पूरे विश्व में पांचवें नंबर पर आ गया है। गुरुवार को देश में कोरोना से 786 मौतें हुई, जो कि एक दिन में मिलने वाला सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके साथ ही देश में कोरोना से मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 35,748 हो गया है। गौरतलब है कि जुलाई माह में ही आधे से ज्यादा 18356 मौतें हुई हैं।

मृत्यु दर में आयी गिरावटः भारत से पहले 35132 मौतों के साथ इटली पांचवे स्थान पर था लेकिन अब भारत पांचवें और इटली छठे स्थान पर हो गया है। राहत की बात ये है कि भारत में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की कुल संख्या 10 लाख के पार हो गई है। देश में कोरोना से औसतन रिकवरी की दर 64.4 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना से मृत्यु दर में भी गिरावट देखी गई है। जून में यह 3.3 फीसदी थी, जो कि अब घटकर 2.2 फीसदी हो गई है।

20 शहरों में कोरोना के 49 फीसदी मरीज: देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों वाले 20 शहरों में संक्रमण दर में भी दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है। राष्ट्रीय दर जहां 8.7 फीसदी है। वहीं इन शहरों में यह 17 फीसदी हो गई है। यानि कि यदि एक शहर में 100 टेस्ट किए गए हैं तो देश में औसतन 8.7 फीसदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि जिन 20 शहरों में मरीजों की संख्या ज्यादा है, वहां औसतन 17 मरीज मिले हैं। बता दें कि पूरे देश के कुल मरीजों में से 49 फीसदी इन 20 शहरों में ही हैं, जबकि अब तक हुए कुल टेस्ट में इन शहरों की हिस्सेदारी 24 फीसदी ही है।

सबसे तेजी से बढ़ रहे भारत में मामलेः कोरोना वायरस के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा तेजी से कोरोना के मामले भारत में बढ़ रहे हैं। अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डेटा सेंटर के मुताबिक बीते एक हफ्ते में अमेरिका के मुकाबले भारत में दोगुनी तेजी से नए केस दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि भारत में ज्यादा संख्या में टेस्ट भी नहीं किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी के अनुसार, अमेरिका में जहां 16 प्रतिशत टेस्ट किए जा रहे हैं, वहीं भारत में सिर्फ 3.6 फीसदी। ब्राजील में यह आंकड़ा 2.3 फीसदी है और रूस में 0.7 फीसदी। बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के कुल 55079 नए मामले सामने आए हैं।

कोरोना का केन्द्र बना दक्षिण भारतः दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे उत्तरी राज्यों में कोरोना के मामले जहां कम हो रहे हैं। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बता दें कि अब जो नए मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से आधे दक्षिणी राज्यों में मिल रहे हैं। खासकर आंध्र प्रदेश में हालात दिनों दिन बिगड़ रहे हैं। वहां कोरोना के मामले एक लाख के पार चले गे है, जबकि रिकवरी रेट भी राष्ट्रीय औसत से बेहद कम यानि कि सिर्फ 46 फीसदी है। तमिलनाडु और तेलंगाना में यह क्रमशः 75 और 73 फीसदी है। कर्नाटक में यह 38 फीसदी और केरल में 52 फीसदी है।

सिर्फ जुलाई में मिले 10 लाख नए केसः जुलाई माह में देश में कोरोना संक्रमण के आंकड़े डराने वाले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक देश में सिर्फ 5,66,840 मामले थे लेकिन सिर्फ एक माह में 10 लाख नए मामले सामने आने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 16 लाख के भी पार चला गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, असम जैसे कमजोर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले राज्यों में हालात लगातार खराब हो रहे हैं।

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