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कोरोना की जंग नहीं है आसान! केंद्र का अनुमान- संकट से लड़ने को अगले 2 माह में चाहिए होंगे 50 हजार वेंटिलेटर, 2 करोड़ 70 लाख N95 मास्क

Coronavirus: केंद्र सरकार के हिसाब के मुताबिक देश में अगले दो महीने में करीब 2.7 करोड़ एन-95 मास्क, 1.5 करोड़ पीपीई, 16 लाख डायग्नोस्टिक किट और 50,000 वेंटिलेटर की जरुरत होगी। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है।

Author Translated By Ikram नई दिल्ली | Updated: April 6, 2020 11:42 AM
कोरोना वायरस का संक्रमण देशभर में लगातार अपना पैर पसार रहा है। (AP Photo/Ashwini Bhatia/File Photo)

Coronavirus: देशभर में पैर पसार रहे घातक कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) और डायग्नोस्टिक किट की मांग में बढ़ोतरी का अनुमान है। केंद्र सरकार के हिसाब के मुताबिक देश में अगले दो महीने में करीब 2.7 करोड़ एन-95 मास्क, 1.5 करोड़ पीपीई, 16 लाख डायग्नोस्टिक किट और 50,000 वेंटिलेटर की जरुरत होगी। इंडियन एक्सप्रेस को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है।

सूत्रों के मुताबिक 3 अप्रैल को एक बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों को इस बाबत अवगत कराया गया। इस बैठक का नेतृत्व नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने किया था। सूत्रों ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि बैठक के दौरान फिक्की के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इसमें कहा गया, ‘जून 2020 तक 2.7 करोड़ एन-95 मास्क, 16 लाख टेस्टिंग किट और 1.5 करोड़ पीपीई की मांग का अनुमान है और इनकी खरीद की दिशा में काम किया जा रहा है।’

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अधिकारी ने कहा, ‘जून 2020 तक वेंटिलेटर की मांग 50,000 आंकी गई है। इनमें से 16,000 पहले से ही उपलब्ध हैं और 34,000 वेंटिलेटर के लिए ऑर्डर दिए गए हैं। विदेश से वेंटिलेटर और पीपीई की खरीद की सुविधा के लिए विदेश मंत्रालय ने मामले में संज्ञान लिया है।’ सूत्रों ने कहा कि आधिकारिक टिप्पणियां उद्योग प्रतिनिधियों के जवाब में आईं, जो अगले 6-12 महीनों में ‘पीपीई की अनुमानित मांग और आपूर्ति का माहौल’ और अन्य सुरक्षात्मक उपकरण पर स्पष्टता चाहते थे।

बैठक में अमिताभ कांत के अलावा छह अन्य सदस्य प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉक्टर विजयराघवन, एनडीएमए के सदस्य कमल किशोर, CBIC के सदस्य संदीप मोहन भटनागर, अतिरिक्त सचिव (गृह) अनिल मलिक, पीएमओ में संयुक्त सचिव गोपाल बागले और कैबिनेट सचिवालय के उप सचिव टीना सोनी भी उपस्थित थीं। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों से फिक्की की अध्यक्ष डॉक्टर संगीता रेड्डी, फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उदय शंकर, फिक्की उपाध्यक्ष अश्वनी चन्नान भी शामिल थे।

उल्लेखनीय है कि सरकार महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति में तेजी लाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में निर्यात को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। सरकार ने अपने नए फैसले में बीते शनिवार को परीक्षण किट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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