कोरोना काल में ढाल हैं आशा कार्यकर्ता! साढ़े 4 हजार पगार में रोजोना 14 घंटे का काम, घर-घर जा लेती हैं अपडेट, पर खुद के लिए नहीं है वक्त

आशा कार्यकर्ताओं को घर घर जाकर होम क्वारंटीन लोगों की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता लोगों को जागरुक करने का काम भी कर रही हैं, जो कि इस माहमारी में सबसे अहम है।

asha workersदेश में लाखों आशा कार्यकर्ता ग्रामीण भारत में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए कड़ी मेहनत से काम कर रही हैं। (इमेज सोर्स-ट्विटर)

भारत के ग्रामीण इलाकों में अभी कोरोना संक्रमण शहरों की अपेक्षा काफी कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का फैले इसके लिए आशा कार्यकर्ता ढाल की तरह काम कर रही हैं। हालात ये हैं कि आशा कार्यकर्ताओं को एक दिन में 14 घंटे काम करना पड़ता है और उन्हें अपने परिवार के लिए खाना बनाने का भी वक्त नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को महीने में सिर्फ 4500 रुपए की सैलरी ही मिलती है।

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में करीब 54000 आशा (Accredited Social Health Activist) कार्यकर्ता हैं और राज्य के ग्रामीण इलाकों में कोरोना के खिलाफ फ्रंट लाइन वारियर्स हैं। आशा कार्यकर्ताओं को घर घर जाकर होम क्वारंटीन लोगों की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता लोगों को जागरुक करने का काम भी कर रही हैं, जो कि इस माहमारी में सबसे अहम है।

रिपोर्ट के अनुसार, आशा कार्यकर्ताओं को कई किलोमीटर दूर तक के गांवों में जाकर कोरोना संदिग्ध लोगों की मॉनिटरिंग करनी होती है और लोगों को साफ-सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने आदि को लेकर जानकारी देनी होती है। इतना ही नहीं कोरोना संकट के बीच इन आशा कार्यकर्ताओं को अपना रुटीन काम भी करना पड़ता है। जिनमें गर्भवती महिलाओं को सलाह आदि का काम भी शामिल है।

आशा कार्यकर्ताओं को होम क्वारंटीन लोगों की मॉनिटरिंग करने के साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के आंकड़े भी रखने होते हैं और उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहने की सलाह देनी होती है। आशा वर्कर्स इन सब के अलावा लोगों में कोरोना के लक्षण पर भी नजर रखनी होती है।

ग्रामीण इलाकों में कोरोना के चलते जो सामाजिक भ्रांतिया फैल रही हैं और कोरोना संक्रमित लोगों और उनके परिजनों को जो सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है, उसे दूर करने में भी आशा कार्यकर्ता अहम भूमिका निभा रही हैं।

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