ताज़ा खबर
 

हेल्थ मिनिस्टर ने किया था कॉल, कहा- PM जानना चाहते हैं हालचाल, कोरोना को मात देनेवाले दिल्ली के पहले शख्स ने सुनाई आपबीती

Coronavirus in India: 45 वर्षीय बिजनेसमैन ने कहा, 'उस दौरान हॉस्पिटल स्टाफ में मेरे कमरे को स्वस्छ रखा। दिन दो बार कमरे को अच्छी तरह साफ किया जाता। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।'

coronavirus45 वर्षीय बिजनेसमैन ने कहा कि इलाज के बाद वो और ज्यादा धार्मिक हो गए हैं।

Coronavirus in India: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नोवल कोरोना वायरस के पहले मरीज और 14 दिनों तक आइसोलेट किए गए एक व्यापारी ने आपबीती सुनाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के लक्षण नजर आने पर किसी को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। 45 वर्षीय बिजनेसमैन से न्यूज एजेंसी पीटीआई से फोन पर हुई बातचीत में कहा कि कोरोना से इलाज के बाद वो और ज्यादा धार्मिक हो गए हैं।

ईस्ट दिल्ली के मयूर विहारी निवासी व्यापारी को बीते शनिवार (14 मार्च, 2020) को कोरोना के लक्षण पूरी तरह से खत्म होने के बाद छुट्टी दे दी गई। व्यापारी ने बताया, ‘कोरोना संक्रमण में आने के बाद मैं एक अलग कमरे में रहा। कमरे में एसी लगा हुआ था और बिजली की अच्छी व्यवस्था थी। यह कोई काल कोठरी वाला अनुभव नहीं था।’

उन्होंने कहा, ‘बीमारी के दौरान डॉक्टरों ने मेरा अच्छा ख्याल रखा। इसलिए मैं उस सभी लोगों से अपील करना चाहूंगा, जिनमें कोरोना के लक्षण हैं, वो घर पर ना रुके बल्कि तुरंत डॉक्टरों की सलाह लें।’ उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा कि अगर कोरोना के लक्षण का संदिग्ध घर में ही रहता हैं तो वो खुद अपने परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है।’

शहर में कोरोना वायरस के पहले मरीज 25 फरवरी को इटली से लौटे थे और उसी रात उन्हें तेज बुखार हो गया। उन्होंने कहा, ‘अगली सुबह 26 फरवरी को मैं एक स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचा और कुछ दवाईयां ली।’ वो कहते हैं कि 28 फरवरी को मेरे बेटे का जन्मदिन था। इसके लिए हमने साउथ दिल्ली के लग्जरी होटल में एक छोटा सा प्रोग्राम रखा था।

उन्होंने कहा कि उस दिन मेरी पत्नी, आठ वर्षीय और मेरी मां के अलावा कुछ खास दोस्त उस प्रोग्राम में मौजूद थे। भगवान का शुक्र है कि जांच में किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए। हालांकि उस रात मुझे एक बार फिर तेज बुखार आया। उन्होंने कहा, ‘इस बार में थोड़ा चिंतित हो गया और राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल गया। वहां जांच में कोरोना के लक्षण पाए गए। टेस्ट के तुरंत बाद मुझे सफदरजंग हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां आइसोलेशन की सुविधा है।’

उन्होंने कहा, ‘आइसोलेशन रूम में मुझे फोन सुनने और करने की सुविधा थी। इस दौरान वीडियो कॉलिंग के जरिए मैं अपने परिवार के साथ जुड़ा रहा। मैंने किताबें पढ़ीं और नेटफ्लिक्स पर फिल्में देखीं। इसलिए 14 दिनों तक अलग-थलग रहने के दौरान मुझे ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मैं दुनिया से कटा हुआ हूं।’

उन्होंने कहा, ‘कोरोनटाइन के समय मैं रोज भजन सुनता था, दिन दो बार प्राणायाम करता था। मैं कहना चाहता हूं कि अब मैं और ज्यादा धार्मिक हो गया हूं।’

45 वर्षीय बिजनेसमैन ने आगे कहा, ‘उस दौरान हॉस्पिटल स्टाफ में मेरे कमरे को स्वस्छ रखा। दिन दो बार कमरे को अच्छी तरह साफ किया जाता। उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।’ आइसोलेशन के पुराने दिनों को याद करते हुए वो कहते हैं, ‘मुझे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन का भी फोन आया और उन्होंने मुझे होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। क्या मुझे कोई परेशानी तो नहीं है। मेरे लिए यह पूरी तरह अकल्पनीय है कि देश के स्वास्थय मंत्री ने एक आम आदमी का हालचाल जानने के लिए फोन किया।’

वहीं एननबीटी की खबर के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ने बातचीत में उनसे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनका हालचाल जानना चाहते हैं और उन्होंने भी जल्द स्वस्थ होने की कामना की। वो कहते हैं, ‘यह सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा।’

उल्लेखनीय है कि 45 वर्षीय बिजनेसमैन दिल्ली में कोरोना की पुष्टि होने वाले पहले मरीज थे। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक कोरोना के सात मामले सामने आ चुके हैं। इसमें एक मृतक महिला भी शामिल हैं, जिनका कोरोना की बीमारी के चलते निधन हो गया।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 पत्रकार की अपील- शाहीन बाग से हट जाएं प्रदर्शनकारी, मिला जवाब- सरकार से क्‍यों नहीं कहते कि CAA हटा लें
2 10000 mAh बैटरी वाला नया Mi Wireless Power Bank भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
IPL 2020
X