कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कार की कौन सी खिड़की खुली रखनी चाहिए ? जानें यहां…

ड्राइवर के साथ आगे वाली सीट पर बायीं विंडो और ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर दायीं विंडो खुला रखना और बाकी विंडो बंद रखना सबसे सही तरीका है.

coronavirus, covid-19कोरोना ट्रांसमिशन से बचने के लिए कार की कौन सी विंडो खुली रखनी चाहिए?

पत्रिका ‘साइंस एडवांसेज’ की एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि एक कार में बैठे लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं या नहीं ये इस बात पर निर्भर करता है कि कार की कितनी और कौन सी विंडो खुली हुई है. साथ ही हवा किस दिशा में चल रही है. दरअसल स्टडी में ये पता लगाने की कोशिश की गई है कि कार में बैठे एक व्यक्ति द्वारा सांस छोड़े जाने पर दूसरा व्यक्ति सांस लेते समय उसे अपने अंदर लेता है या नहीं? स्टडी में बताया गया है कि ये इस बात पर निर्भर करता है कि कार की कितनी विंडो खुली हुई हैं. साथ ही कौन सी विंडो खुली हुई है. इसके अलावा किस दिशा में हवा है इस पर भी ये निर्भर करता है.

क्या है तर्क?

वैज्ञानिक पहले से ये मानते हैं कि कार की सभी विंडो खुली रखकर सबसे अधिक बचाव किया जा सकता है. साथ ही कार की अगर सभी विंडो बंद हैं तो सबसे अधिक खतरा रहता है. हालांकि हमेशा कार की विंडो खुली रहे ये मुमकिन नहीं है क्योंकि कई बार बारिश और ठंड के चलते कार की खिड़कियां बंद करनी पड़ सकती हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के वर्गीज मथाई, एमहर्स्ट और अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के असिमांसु दास ने कार के भीतर हवा के बहाव का अध्य्यन किया. एक टोयोटा कार में बैठे यात्रियों पर स्टडी की गई. स्टडी में छह ऐसे तरीके बताए गए हैं जहां सबसे अधिक और सबसे कम ट्रांसमिशन का खतरा रहता है. स्टडी में पाया गया है कि कार के चारों शीशे खुले रहते समय लगभग चार गुना हवा एक्सचेंज रेट रहती है. स्टडी में पाया गया कि न सिर्फ हवा के बदलने की दर बल्कि हवा के बहाव की दिशा भी एक अहम कारक है.

स्टडी में मिली हैरान कर देने वाली जानकारी

आमतौर पर ऐसा होता है कि ड्राइवर अपनी विंडो ओपन करता है और उसके पीछे बैठा यात्री अपनी विंडो ओपन करता है. जबकि दो विंडो खुली रखने और दो बंद रखने का ये तरीका सही नहीं है. ड्राइवर के साथ आगे वाली सीट पर बायीं विंडो और ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर दायीं विंडो खुला रखना और बाकी विंडो बंद रखना सबसे सही तरीका है.

बता दें कि ड्राइवर को सबसे अधिक खतरा रहता है क्योंकि चलती गाड़ी में हवा पीछे की खिड़कियों से दाखिल होती है और आगे वाली विंडो से बाहर जाती है. अगर ड्राइवर और यात्री दोनों विपरीत दिशा में बैठते हैं तो उनके बीच कणों के ट्रांसमिट होने का सबसे कम खतरा रहता है. इससे साफ है कि कार में जब सफर करते हैं तो ये अहम हो जाता है कि आपने कौन सी विंडो ओपन कर रखी है.

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