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COVID-19 Crisis: घर पहुंचने को दिहाड़ी मजदूर बेताब! बीच चेकिंग 2 ट्रकों में ठुसे मिले 300; 1000 रेलवे की रेक में ‘धराए’

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी। जिसके बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोग अपने-अपने घर जाने जाने को बेताब हैं।

2 ट्रकों में ठुसे हुए 300 लोग और एक रेलवे की रेक में छुपे 1000 लोगों को पकड़ा गया। (indian express)

महाराष्ट्र पुलिस ने चेकिंग के दौरान 2 ट्रकों में ठुसे हुए 300 लोग और कुछ अधिकारियों ने एक रेलवे की रेक में छुपे 1000 लोगों को पकड़ा है। ये सभी मजदूर किसी तरह से अपने घर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की थी। जिसके बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाले लोग अपने-अपने घर जाने जाने को बेताब हैं। लेकिन देश के हर राज्य ने अपनी सीमा सील कर रखी है ऐसे में कोई बस, ट्रेन या सार्वजनिक परिवाहन नहीं चल रहा है। ऐसे में मजदूर किसी तरह घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।

महाराष्ट्र पुलिस ने यवतमाल में तेलंगाना के साथ राज्य की सीमा पर एक पुलिस चेक-पोस्ट पर नियमित निरीक्षण के दौरान इस ट्रक को पकड़ा है। यवतमाल के पुलिस अधीक्षक एम. राजकुमार ने कहा कि चालकों ने राजस्थान में आवश्यक सामान ले जाने का दावा किया। हालांकि, जब पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने ट्रकों की जांच की तो उन्होंने ट्रक के अंदर कई सौ लोगों बैठे मिले।

राजकुमार ने बाते कि ये सभी निर्माण श्रमिक हैं जो हैदराबाद से राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वे हैदराबाद से बिना किसी अवरोध के यहां इतनी दूर तक कैसे आ गए।

वहीं 1000 मजदूरों को रेलवे रेक में अवैध रूप से यात्रा करते हुए पकड़ा गया है। इस बात की जानकारी उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने रेलवे को दी है। ये रेक तिरुवनंतपुरम से गोरखपुर लाया जा रहा था। इस रेक में छिपे अधिकांश पुरुष झांसी में उतर गए हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वे कहाँ से बैठे थे।

रेलवे सूत्रों ने कहा कि कई डिवीजनों के रेलवे प्रबंधकों ने मंत्रालय को सूचित किया था कि मजदूरों उन पर खाली रेक में यात्रा करने का दवाब बना रहे हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में इस मामले को उजागर किए जाने के बाद, सभी खाली रेक की आवाजाही को फिलहाल रोक दिया गया है।

उन्होंने महसूस किया कि प्रवासियों ने केरल से लेकर यूपी तक रेक में यात्रा की है। रेलवे अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से स्कैन कर यह पता लगाना चाहा की वे कहाँ से बैठे थे। लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि उनके पास एक सटीक आंकड़ा नहीं है कि कितने लोगों ने इस रैक का इस्तेमाल किया है उनका अनुमान है कि लगभग 300 मजदूरों ने रेक का इस्तेमाल किया होगा।

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