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तब्लीगी जमात के 10 लोग थे होम क्वारंटीन, पर दवा ले जा रहे ट्रक में छिपकर हो गए फरार

कोरोना वायरस महामारी के भारत में व्‍यापक फैलाव के बीच दिल्ली में निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात कार्यक्रम में शामिल हुए दस लोगों को मेडिकल सप्लाई ले जाने वाले वाले ट्रकों में बैठकर फरार हो गए हैं।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: April 4, 2020 10:03 AM
तब्लीगी जमात कार्यक्रम में शामिल हुए दस लोगों को मेडिकल सप्लाई ले जाने वाले वाले ट्रकों में बैठकर फरार हो गए हैं। (Photo by Anil Sharma)

Corona Virus in india: फरवरी में नई दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के एक कार्यक्रम में शामिल हुए दस लोगों को घर में क्वारंटाइन किया गया था। वे सभी 10 लोग मेडिकल सप्लाई ले जाने वाले वाले ट्रकों में बैठकर फरार हो गए हैं। इस बात की जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को दी है। इन 10 लोगों ने 22 और 23 फरवरी को तब्लीगी जमात के निजामुद्दीन कार्यक्रम में भाग लिया था, और 26 फरवरी को पुणे पहुंचे थे। कई लोग जो मार्च में थोड़े समय बाद कार्यक्रम में शामिल हुए थे, वे कोरोना पॉज़िटिव पाये गए हैं और जिन लोगों से उनका कांटैक्ट हुआ है वे लोग भी इस से संक्रमित हो चुके हैं। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों की तलाश पूरे देश में की जा रही है।

पुणे डिवीजन में पुणे, सांगली, सतारा, कोल्हापुर और सोलापुर जिले शामिल हैं। इन सभी जिलों से इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले कुल 258 लोगों की पहचान की गई थी। पुणे डिवीजनल कमिश्नर दीपक म्हैसेकर ने कहा “इनमें से 163 का पता लगाया गया और क्वारंटाइन किया गया है। वहीं उनमें से आठ पुणे डिवीजन से बाहर चले गए हैं, हालांकि वे महाराष्ट्र में ही हैं। 72 अन्य लोग अब राज्य में नहीं हैं, जबकि 15 ऐसे हैं जिन्हें हम अब तक ट्रेस नहीं कर पाए हैं।”

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पुणे शहर में प्रशासन ने उन 136 लोगों की पहचान कर ली है जो मार्च में तब्लीग कार्यक्रम में शामिल हुए थे। लेकिन अबतक केवल 78 लोग ही ट्रेस हो पाये हैं बाकी लोग अब भी पकड़ में नहीं आए हैं। ट्रेस किए गए सभी 78 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है और इनमें से चार लोग कोरोना वायरस से पॉज़िटिव पाये गए हैं।

पुलिस ने कहा कि जो 10 लोग भाग गए हैं, वे इन 78 का हिस्सा नहीं थे और उनका परीक्षण नहीं किया गया था। क्योंकि वे फरवरी के अंतिम सप्ताह से शहर में थे और उन्होने तब्लीगी जमात के आयोजन में काफी पहले भाग लिया था। पुणे ग्रामीण पुलिस के जिला अधीक्षक संदीप पाटिल ने कहा कि यह सामने आने के बाद कि उस कार्यक्रम से जुड़े लोगों की एक बड़ी संख्या वायरस से संक्रमित है तो एक अप्रैल को एहतियाती उपाय के रूप में उन्हें क्वारंटाइन किया गया था।

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