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कोरोना का क़हर: रांची में 104 शवों का अंतिम संस्कार, लकड़ियों के लिए लंबा इंतज़ार, गोड्डा में पहले से अर्थियाँ तैयार

नामकुम स्थित घाघरा मुक्तिधाम में सोमवार को लोग अपने परिजनों का शव जलाने पहुंचे पर यहां लकड़ी का इंतजाम नहीं था। गुस्साए लोगों ने घाघरा-नामकुम रोड को ही जाम कर दिया। मुक्तिधाम में 40 शवों को लेकर पहुंचे एंबुलेंस की कतार लगी हुई थी। लोग कड़ी धूप में शव जलाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे।

रांची में एक तरफ लगी एंबुलेंस की कतार तो दूसरी तरफ गोड्डा प्रशासन पहले से अर्थियां तैयार करने में जुटा (फोटोः एजेंसी)

कोरोना हर तरफ हाहाकार मचा रहा है। आलम यह है कि अस्पताल हो या फिर शमशान, हर जगह लोगों को लाइन लगाकर इंतजार करना पड़ रहा है। कहीं लकड़ियां खत्म हो गई हैं तो किसी जगह पर शमशान में जगह ही नहीं मिल पा रही है। गोड्डा प्रशासन तो पहले से ही अर्थियां तैयार करने में जुट गया है। कोरोना संक्रमितों के शव उनके परिजन छोड़कर चले जा रहे हैं। संस्कार तो कराना ही है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, नामकुम स्थित घाघरा मुक्तिधाम में सोमवार को लोग अपने परिजनों का शव जलाने पहुंचे पर यहां लकड़ी का इंतजाम नहीं था। गुस्साए लोगों ने घाघरा-नामकुम रोड को ही जाम कर दिया। मुक्तिधाम में 40 शवों को लेकर पहुंचे एंबुलेंस की कतार लगी हुई थी। लोग कड़ी धूप में शव जलाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे। जैसे जैसे धूप बढ़ी लोगों का गुस्सा भी बढ़ता चला गया।

शव लेकर आने वाले एंबुलेंस चालक और परिजन पीपीटी किट में थे। गर्मी में सभी की हालत इसमें खराब हो रही थी। दोपहर तकरीबन 1.30 बजे जब निगम की तरफ से लकड़ियां भेजी गईं तब जाकर अंतिम संस्कार कराया जा सका। घाघरा में हो रहे अंतिम संस्कार के बाद वहां शवों को जलाने वाले डोम राजा को भी पैसे का भुगतान नहीं हो पा रहा था। सभी घाट छोड़कर चले गए। जब भुगतान हुआ तब लोग घाट पर पहुंचे। इससे शवों को जलाने में देर हुई। शवों की एंट्री करने वाला कर्मी भी डोम राजा के साथ पैसे का भुगतान कराने के लिए चला गया। इससे शवों की एंट्री भी काफी देरी से हो सकी।

उधर, गोड्डा जिले में प्रशासन पहले से ही अर्थियां तैयार कराने में जुट गया है। हर दिन कोरोना से मौत हो रही है और परिजन शवों को छोड़कर जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि अंतिम संस्कार तो कराना ही है। इसी वजह से पहले से तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद के द्वारा शव ढोने के लिए बड़ी संख्या में बांस की अर्थी बनाने का ऑर्डर दिया गया है। इसको लेकर नगर परिषद के हटिया परिसर में रह रहे मोहली परिवार दिन रात ऑर्डर पूरा करने में लगे हैं। तत्काल करीब 200 अर्थी बनाने का ऑर्डर दिया गया है। रविवार की देर शाम तक करीब 150 बांस की अर्थी बन कर तैयार हो गई है।

तैयार अर्थियों को नगर परिषद के जिम्मे दे दिया गया है। बड़ी संख्या में बन रहे शव ढोने की अर्थी को लेकर लोगों में भय का माहौल है। जिले में लगातार कोरोना मरीजों की मौत हो रही है। हर दिन तीन से चार की संख्या में मौत हो रही है। शव का दाह संस्कार कोविड प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। ऐसे में शवों के दाह संस्कार का जिम्मा जिला प्रशासन का है। इस बाबत नगर परिषद की ओर से अर्थी बनवा कर शवों का दाह संस्कार करने की तैयारी की जा रही है।

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