कोरोनाः जब पता था कि ऑक्सीजन पर दिक्कत है, तो अब तक क्या कर रहे थे?- राजनेताओं से पूछने लगे अर्णब

डिबेट में कांग्रेस के प्रवक्ता रमेश सभरवाल ने कहा कि न तो केंद्र की मोदी सरकार और न ही दिल्ली की अरविंद केजरीवाल के पास सत्ता चलाने का अनुभव है। इन लोगों ने देश का बेड़ा गर्क करके रख दिया।

republic tv, arnay goswami, corona, covid-19, oxygen shortageअस्पताल में नहीं बैड, एंबुलेंस में इंतजार करते कोरोना मरीजा (फोटोः ट्विटर@BanglarGorboMB)

ऑक्सीजन की कमी पर अर्णब गोस्वामी ने नेताओं को आड़े हाथ लेकर कहा कि लोगों में बेहद गुस्सा है। उनका सवाल था कि गैस की कमी पर केंद्र को भी पता था और राज्यों को भी। लेकिन अभी तक क्या कर रहे थे। अब तक इंतजाम क्यों नहीं किया। क्या मरीज को जाकर बताएंगे कि इस वजह से ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है।

डिबेट में कांग्रेस के प्रवक्ता रमेश सभरवाल ने कहा कि न तो केंद्र की मोदी सरकार और न ही दिल्ली की अरविंद केजरीवाल के पास सत्ता चलाने का अनुभव है। इन लोगों ने देश का बेड़ा गर्क करके रख दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस के पास ही देश चलाने का अनुभव है। ऑक्सीजन की कमी पर केंद्र को योजना बनाकर आसपास या कहीं से भी गैस का जुगाड़ करके लोगों को देना चाहिए।

पैनलिस्ट कपिल कुमार ने कहा कि आज देश में युद्ध से भी खतरनाक स्थिति है। ये बायोलिजिकल वार है। कोरोना साल दो साल में जाने वाला नहीं है। सरकारों को अभी तक इसके लिए तैयारी करनी चाहिए। उनका कहना था कि संवैधानिक अधिकारों को बचाने की जगह इंसान को बचाने की कोशिश करनी चाहिए। जगह-जगह अस्पताल बनाने होंगे। भड़काऊ राजनीति करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अर्णब ने कहा कि हम मंगल ग्रह तक पहुंच चुके हैं, लेकिन अस्पतालों का जुगाड़ नहीं कर सके। उनका कहना था कि संकट की घड़ी आते ही एक दूसरे पर लांछन लगाना शुरू कर दिया। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगनी चाहिए। आज लोगों की मदद का समय है। कोरोना एक वैश्विक बीमारी है। इससे सबको मिलकर लड़ना होगा।

शिवसेना के प्रवक्ता ने कहा कि जब देश में संकट की घड़ी है तो सरकार को काम में ध्यान देना चाहिए। लेकिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बंगल में रैलियां करने में व्यस्त थे। उनका कहना था कि महाराष्ट्र में संकट बढ़ा तो सीएम उद्दव ठाकरे ने पीएम को फोन करके मदद की गुहार लगाई, लेकिन जवाब मिला कि पीएम बंगाल में व्यस्त हैं। वहां से आकर बात कर पाएंगे। उनका कहना था कि पीएम के लिए देश जरूरी है या फिर एक सूबा। सारी सरकार बंगाल में व्यस्त है। लोग यहां वहां मर रहे हैं किसी को सुध नहीं है।

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