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कोरोना संकटः ये अमित शाह मॉडल vs केजरीवाल मॉडल की लड़ाई नहीं- दिल्ली डिप्टी CM की गृह मंत्री से अपील- दखल दीजिए

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उनसे कोविड-19 मरीजों के चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए सरकारी केन्द्र आने की अनिवार्यता खत्म करने की ‘‘हाथ जोड़कर’’ अपील की है।

Author नई दिल्ली | June 24, 2020 5:23 PM
Corona Virus, Covid-19, Manish Sisodiaदिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अपील की है। (फाइल फोटो-PTI)

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उनसे कोविड-19 मरीजों के चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए सरकारी केन्द्र आने की अनिवार्यता खत्म करने की ‘‘हाथ जोड़कर’’ अपील की है। सिसोदिया में बढ़ते मामलों के मद्देनजर नई व्यस्था से सरकारी केन्द्रों पर दबाव बढ़ने का हवाला देते हुए कहा कि अगर इस व्यवस्था को खत्म नहीं किया गया तो आने वाले कुछ दिनों में शहर में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सिसोदिया ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा कि दिल्ली में दो मॉडल हैं, पहला शाह मॉडल जिसके तहत कोविड-19 मरीजों का कोविड स्वास्थ्य केन्द्र आना अनिवार्य है। दूसरा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मॉडल जिसके तहत जिला प्रशासन की एक चिकित्सीय टीम मरीजों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य का मूल्यांकन करती है।

उन्होंने बुधवार कहा कि यह अमित शाह मॉडल और केजरीवाल मॉडल की लड़ाई नहीं है। हमें वह व्यवस्था लागू करनी चाहिए जिसमें लोगों को परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री कोविड-19 से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों पर खुद नजर रख रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं केन्द्रीय गृह मंत्री से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि नई व्यवस्था को खत्म किया जाए क्योंकि इससे लोगों को बहुत परेशानियां हो रही है।’’ सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने उप राज्यपाल (एलजी) अनिल बैजल को भी इस संबंध में मंगलवार को पत्र लिखा था लेकिन एलजी कार्यालय से आप सरकार को अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए कोविड-19 मरीजों को बसों में कोविड स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया जा रहा है।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘एक तरह वे (जिला प्रशासन) व्यापक स्तर पर जांच कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर,वे चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को कोविड स्वास्थ्य केन्द्र ले जा रहे हैं।’’ बैजल ने पिछले सप्ताह एक आदेश जारी करते हुए चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए कोविड-19 मरीजों का कोविड स्वास्थ्य केन्द्र जाना अनिवार्य कर दिया था ताकि यह निश्चित किया जा सके कि संक्रमित पृथक-वास में रह सकता है या उसे अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता है। सिसोदिया ने कहा कि यह देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी है कि वह मामले में हस्तक्षेप करें और उप राज्यपाल से नई व्यवस्था खत्म करने और पुरानी व्यवस्था लागू करने को कहें, जिसके तहत मरीज के चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए जिला प्रशासन का एक दल उसके घर जाता था।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार को करीब 4,000 लोग संक्रमित पाए गए और उनके लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन के वास्ते कोविड स्वास्थ्य केन्द्र जाना संभव नहीं है।दिल्ली में मंगलवार को सबसे अधिक 3,947 नए मामले सामने आने के बाद शहर में कोविड-19 के मामलों की संख्या 66,000 के पार पहुंच गई। वहीं मृतक संख्या 2,301 है।

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