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जनसत्ता संवाद: गरमी बढ़ने पर घट सकता है संक्रमण

अगर हम दुनिया के तमाम देशों में कोरोना का हिसाब देखें तो जहां तापमान बढ़ा है, वहां कोरोना का कहर कम है। सूडान में औसत तापमान 52 डिग्री है, वहां कोरोना के तीन मामले आए और मौत एक हुई है। ओमान में तापमान 50 डिग्री के करीब होता है और वहां कोरोना के मामले 109 आए, लेकिन मौत किसी की नहीं हुई।

Author Published on: March 31, 2020 3:05 AM
भारत में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ेगी। देश में पूर्ण बंदी की गई है, उसमें अगर मौसम भी मददगार हो गया तो भारत के लिए कोरोना से जंग आसान हो सकती है। दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के कहर के बीच एक वैज्ञानिक अध्ययन में राहत भरी जानकारी सामने आई है। अगर गर्मी बढ़े तो हो सकता है कि कोरोना के कहर में कमी आ जाए।

जाने-माने संस्थान मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) एक दुनिया के कई बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने रिपोर्ट तैयार की है कि ठंड जाएगी, मौसम बदलेगा, गर्मी होगी और तापमान का पारा चढ़ेगा तो कोरोना की गर्मी उतरेगी। एमआइटी के ताजा अध्ययन के मुताबिक, मौसम अगर गर्म और नमी भरा होगा तो इससे विषाणु के फैलने की आशंका बहुत कम हो जाएगी।

जिन देशों में तापमान का पारा तीन से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और नमी चार से नौ ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रही, वहां कोरोना विषाणु के मामले 90 फीसद पाए गए। जबकि जिन देशों में पारा 18 डिग्री से ज्यादा रहा और नमी नौ ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा रही वहां पर ऐसे मामले छह फीसद ही सामने आए। एमआइटी की यह रिपोर्ट भारत के लोगों को बेहद सुकून पहुंचाने वाली है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान आया है कि आने वाले दिनों में भारत में तापमान चढ़ने वाला है।
एमआइटी ने अमेरिका के दो इलाकों में फर्क का अध्ययन किया। अमेरिका के उत्तरी राज्यों में ठंड ज्यादा है।

वहां दक्षिण के गर्म राज्यों की तुलना में कोरोना के मामले दोगुना आए। इस शोध में कहा गया है कि भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया और अफ्रीकी देशों में कोरोना के मामले इनके गर्म मौसम के कारण कम आए। बावजूद इसके कि इन देशों में घनी आबादी है और स्वास्थ्य सुविधाएं भी चीन, यूरोप और अमेरिका से काफी कमजोर हैं।
अगर कोरोना पर वाकई गरमी का ऐसा असर होता है तो अप्रैल का महीना भारत के लिए अच्छा हो सकता है। 21 दिन की पूर्ण बंदी जब खत्म होगी, तो पारा चढ़ा होगा। भारत में अभी औसत पारा 28 डिग्री के करीब है जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि चार अप्रैल तक ही दिल्ली समेत पश्चिमी भारत में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा।

अगर हम दुनिया के तमाम देशों में कोरोना का हिसाब देखें तो जहां तापमान बढ़ा है, वहां कोरोना का कहर कम है। सूडान में औसत तापमान 52 डिग्री है, वहां कोरोना के तीन मामले आए और मौत एक हुई है। ओमान में तापमान 50 डिग्री के करीब होता है और वहां कोरोना के मामले 109 आए, लेकिन मौत किसी की नहीं हुई। इराक में औसत पारा 48 डिग्री के करीब होता है, वहां कोरोना के 382 मामले निकले और 36 मौतें हुईं। सऊदी अरब में औसत तापमान 50 डिग्री के करीब होता है जहां कोरोना के 1012 मामले आए और तीन मरे। मलेशिया में औसत तापमान तीस डिग्री के करीब होता है, जहां कोरोना के मामले आए 2031 और मौत 24 हुई। अब जिन देशों में कोरोना ने तांडव मचाया, उन देशों में ठंड ज्यादा है।

शोध में लिए गए तुलनात्मक आंकड़े इस प्रकार हैं। इटली में तापमान 14 डिग्री सेल्सियस है, जहां कोरोना के 80 हजार 500 से ज्यादा मामले आए और 8215 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। स्पेन में पारा चार डिग्री पर पहुंच गया है, वहां 57 हजार 800 से ज्यादा मामले आए और 4365 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इस तरह फ्रांस में पारा 8 डिग्री तक गया और 29 हजार 500 से ज्यादा लोग संक्रमित हुए एवं 1696 मौतें हुई हैं। ईरान में पारा 15 डिग्री है जहां मामले आए 29 हजार से ज्यादा और 2234 मौतें हुई हैं। अमेरिका में तापमान 12 डिग्री है, जहां मामले करीब 86 हजार आए और 1300 से ज्यादा मौतें हुई हैं। चीन में तापमान 13 डिग्री है, जहां मामले आए करीब 82 हजार और 3174 मौतें हुईं।

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