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सरकारी आदेश की उड़ती दिखी धज्जियां, अर्द्धसैनिक बलों की भी तैनाती

दंगा प्रभावित उत्तर-पूर्वी जिले के संवेदनशील इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस, पीसीआर और अद्धर्सैनिक बल के जवान संयुक्त रुप से उदघोषणा कर लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील कर रहे है।

दिल्ली में लॉकडाउन के बाद भी लोग बॉर्डर पार कर रहे हैं। पुलिस इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।

कोरोना विषाणु के मद्देनजर प्रधानमंत्री का 21 दिनों तक पूर्ण बंदी और राजधानी में धारा 144 लगाने के बाद भी कुछ लोग इसका पालन नहीं कर रहे। एक तरफ दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने, हिरासत में लेने और गाड़ियां जब्त कर शिकंजा कस रही है। वहीं, दूसरी तरफ लोग वैकल्पिक मार्गों से घरों से छिप-छिपाकर निकलना जारी रखा है। बुधवार सुबह से शाम तक उंची इमारतों के छतों और ड्रोन से निगरानी के बाद कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तुरंत मामला दर्ज करने, दस हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेन और सड़क पर घूम रही सैकड़ों गाड़ियां को जब्त करने का अभियान चालू कर दिया गया है।

दंगा प्रभावित उत्तर-पूर्वी जिले के संवेदनशील इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस, पीसीआर और अद्धर्सैनिक बल के जवान संयुक्त रुप से उदघोषणा कर लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील कर रहे है।

जिस तरह लोग सरकारी आदेश का धज्जियां उड़ा रहे हैं, उससे संक्रमण फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ रहा है। बिना वजह लोगों को घरों से नहीं निकलने के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील का असर भी तब पूरी तरह से धराशाही होते दिखा जब सोमवार को धारा 144 के बाबजूद लोगों ने अपने मन मुताबिक कार्य करना जारी रखा। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगा प्रभावित इलाके सीलमपुर, शाहदरा, मौजपुर, भजनपुरा, करावलनगर, ज्योतिनगर आदि आसपास के इलाके में बुधवार सुबह से अर्द्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल रखा है। रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य अर्द्धसैनिक बलों के मुस्तैद जवान बिना पहचान पत्र और जरूरतमंद होने के कर्फ्यू पास के किसी को बाहर निकलने नहीं दे रहे।

बुधवार को सीएए और एनआरसी के खिलाफ लगातार सौ दिनों से चले आ रहे धरना प्रदर्शन को भी मंगलवार को समाप्त कराने के बाद बुधवार को यहां के शाहीनबाग, ओखला, आली गांव, निजामुद्दीन में भी पुलिस के साथ सुरक्षा बल के जवान सड़कों पर तैनात दिखे। बिना वजह घर से बाहर निकले लोगों को वापस भेजा जा रहा है। बावजूद इसके जो लोग पूर्ण बंदी का उल्लंघन कर घूमते पाए जा रहे हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पीसीआर के उपायुक्त शरत कुमार सिंहा ने बताया कि पीसीआर की सभी 15 जोनों में स्थित सभी मोबाइल पेट्रोल वेन दिल्ली के गली मुहल्ले से लेकर मुख्य सड़कों पर तैनात किए गए हैं। जो लोग कानून हाथ में ले रहे हैं उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल जाने वालों के लिए पीसीआर की गाड़ियां मुस्तैद ही और आम लोग बिना संकोच के जरूरत पड़ने पर पीसीआर को बता सकते हैं।

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