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ट्रंप की धमकी पर बिना नाम लिए राहुल ने ली पीएम की चुटकी, कहा – ‘मित्रों’ में प्रतिशोध की भावना

राहुल ने ट्वीट कर लिखा " मित्रों’ में प्रतिशोध की भावना? भारत को सभी देशों की सहायता के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन सबसे पहले जान बचाने की सभी दवाइयाँ और उपकरण अपने देश के कोने-कोने तक पहुंचाना अनिवार्य है।

कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी। (ANI)

हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा के निर्यात की अनुमति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि भारत अनुरोध के बावजूद अमेरिका को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा के निर्यात की अनुमति नहीं देता है तो उन्हें हैरानी होगी। अगर वे इसकी इजाजत नहीं देंगे, तो कोई बात नहीं, लेकिन जाहिर तौर पर इसको लेकर जबाबी कार्यवाही हो सकती है। ट्रंप के इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। राहुल ने अपने ट्वीट में पीएम मोदी का नाम लिए बिना उनकी चुटकी ली और कहा कि ‘मित्रों’ में प्रतिशोध की भावना।

राहुल ने ट्वीट कर लिखा ” मित्रों’ में प्रतिशोध की भावना? भारत को सभी देशों की सहायता के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन सबसे पहले जान बचाने की सभी दवाइयाँ और उपकरण अपने देश के कोने-कोने तक पहुंचाना अनिवार्य है।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है। थरूर ने लिखा “वैश्विक मामलों में दशकों के अपने अनुभव में मैंने किसी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार को दूसरे देश की सरकार को इस तरह खुलेआम धमकी देते हुए नहीं सुना। मिस्टर राष्ट्रपति? भारत में जो हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन बनाती है वो “हमारी घरेलू आपूर्ति” के लिए है। यह आपके लिए आपूर्ति का विषय तब बनेगा जब भारत इस दवा को आपको बेचने का फैसला करता है।”

ट्रंप के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। कुछ यूजर्स ने अमेरिका के ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ और भारत में हुए ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का मज़ाक बना रहे हैं।

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एक यूजर ने लिखा “एक आयरन लेडी इंदिरा गांधी थी जिन्होंने अमेरिका को धमकी दे दी थी और एक अटल बिहारी जी थे जिन्होंने अमेरिका की धमकी पर अमेरिका को करारा जवाब दिया था और एक आज मजबूत पीएम है मोदी जी और अमेरिका हड़का रहा है भारत को और साहेब सुन रहे है।”

गौरतलब है कि कोरोना संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने एक बयान में कहा है कि अगर भारत हमें जरूरी दवाएं मुहैया नहीं कराता तो हम करारा जवाब देंगे। ट्रंप के बयान के बाद केंद्र सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया कि भारत पड़ोसी देशों को कोरोना संकट के बीच जरूरी दवाएं मुहैया कराएगा।

विदेश मंत्रालय के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि भारत अपने सभी पड़ोसी देशों (जो हमारी क्षमताओं पर निर्भर हैं) को उचित मात्रा में पेरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का लाइसेंस देगा। हम इन आवश्यक दवाओं की आपूर्ति कुछ देशों को भी करेंगे जो विशेष रूप से महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

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