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कोरोना वायरस: तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल 960 विदेशियों के भारत आने पर 10 साल का प्रतिबंध

इन लोगों पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया और गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की।

Corona Virus, Tablighi Jamaat,कोरोना वायरस महामारी के दौरान निजामुद्दीन मरकज में तब्‍लीगी जमात के कई लोग शामिल हुए थे। (फोटो-PTI)

तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों पर केंद्र सरकार नकेल कसती नजर आ रही है। खबर है कि  टूरिस्ट वीजा पर भारत आने वाले 960 विदेशी नागरिकों पर अगले 10 साल के लिए प्रतिबंधित लगा दिया गया है। इन नागरिकों को वीजा नियकों का उल्लंघन करने के लिए 10 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया। इन पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के शुरुआती दौर में इन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया और गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की। अबतक कुल 2,550 तबलीगी जामत के विदेशी सदस्यों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

ये लोग 40 देशों से हैं, जो राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारत में ठहरे हुए थे और वीजा नियमों का उल्लंघन कर धार्मिक गतिविधियों में शामिल थे। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों को 10 साल तक भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। शायद यह पहला मौका है, जब सरकार ने एक झटके में इतनी अधिक संख्या में लोगों को काली सूची में डाला है और विदेशी (नागरिक) अधिनियम के तहत इतनी लंबी अवधि के लिये भारत में उनके प्रवेश पर पाबंदी लगाई है।

विभिन्न राज्य सरकारों ने मस्जिदों और मदरसों में विदेशियों के अवैध रूप से ठहरे होने का ब्योरा उपलब्ध कराया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ गृह मंत्रालय ने तबलीगी जमात के 2,550 सदस्यों को काली सूची में डाल दिया है और भारत में उनके 10 साल तक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।’’ अधिकारी ने कहा कि जमात के लगभग सभी सदस्य पर्यटक वीजा पर भारत आये थे, लेकिन वे धार्मिक गतिविधियों में शामिल थे। इस तरह वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया गया।

गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को दक्षिण दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है। बताया जा रहा है कि ब्लैकलिस्ट किए गए लोगों की संख्या और बढ़  सकती है।

पिछले महीने कोर्ट में पुलिस ने कहा था कि इन लोगों ने टूरिस्ट वीजा पर भारत में एंट्री ली और वीजा नियमों का उल्लंघन किया। इतना ही नहीं इन लोगों के चलते कोरोना वायरस के मामले भी बढ़ते नजर आए। पुलिस ने यह भी कहा कि नोटिस के बावजूद मरकज प्रबंधन ने और तबलीगी जामत के प्रमुख मौलाना साद ने नियमों का उल्लंघन किया।

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