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नए इलाकों से आए COVID-19 केस, पर 82% मामले सिर्फ 10 सूबों मेंः स्वास्थ्य मंत्रालय

भूषण ने कहा, ‘‘भारत में कोविड-19 से मृत्यु के करीब 37 प्रतिशत मामले 45 से 60 साल के आयुवर्ग के हैं, वहीं मौत के 11 प्रतिशत मामले 26 से 44 साल की आयु के लोगों में सामने आये।’’

Author Edited By Naveen Rai नई दिल्ली | August 4, 2020 8:34 PM
Corona Virus, Covid-19केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश के कुल मामलों के 66 प्रतिशत सिर्फ 50 जिलों में हैं और कोविड-19 से मृत्युदर तेजी से घटकर 2.10 प्रतिशत रह गयी है। (फोटो-ANI)

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि देश में नये क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण फैला है लेकिन भारत में संक्रमण के कुल मामलों में 82 प्रतिशत केवल 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक सीमित हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देश के कुल मामलों के 66 प्रतिशत सिर्फ 50 जिलों में हैं और कोविड-19 से मृत्युदर तेजी से घटकर 2.10 प्रतिशत रह गयी है। यह दर 25 मार्च को लागू लॉकडाउन के बाद से पहली बार इतनी कम है।

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना वायरस संक्रमण नये क्षेत्रों में फैल गया है लेकिन कुल मामलों के 82 प्रतिशत अब भी देश के 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सीमित हैं, जहां आज 50 जिलों में कुल मामलों के 66 प्रतिशत मामले हैं।’’ लैंगिक आधार पर मृत्युदर की जानकारी देते हुए भूषण ने बताया कि देश में कोविड-19 से मौत के करीब 68 प्रतिशत मामले पुरुषों के और 32 प्रतिशत महिला संक्रमितों में आये हैं।

उन्होंने बताया कि मौत के 50 प्रतिशत मामले 60 साल या इससे अधिक उम्र के रोगियों से जुड़े हैं। भूषण ने कहा, ‘‘भारत में कोविड-19 से मृत्यु के करीब 37 प्रतिशत मामले 45 से 60 साल के आयुवर्ग के हैं, वहीं मौत के 11 प्रतिशत मामले 26 से 44 साल की आयु के लोगों में सामने आये।’’उन्होंने कहा कि भारत में कोविड-19 से मृत्यु की दर तेजी से कम होकर 2.10 हो गयी जो पहली बार लगे लॉकडाउन के बाद से सबसे कम है।भूषण ने कहा कि देश में कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोगों की संख्या इस समय 12.30 लाख है जो उपचाराधीन मरीजों की संख्या से दोगुनी है।

उन्होंने कहा, ‘‘देश के कुल 28 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश प्रति दस लाख आबादी पर प्रतिदिन 140 से अधिक नमूनों की जांच कोविड-19 के लिए कर रहे हैं।’’ भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक प्रोफेसर बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 का पता लगाने के लिए अब तक की गयी कुल जांच में 25 से 30 प्रतिशत जांच रैपिड एंटीजन तरीके से की गयी।

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