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कोरोनाः “प्रधानमंत्री जी, आप पिता जी के पैर छूते हैं…गुजारिश है कि मेरी दीदी को इंसाफ दिलाएं”, हाथ जोड़ दुखड़ा रोने लगीं पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल की बेटी

नम्रता मिश्रा ने बताया कि 26 मई को मां के निधन के बाद उसके पिता ने अपनी बेटी को देखने के लिए डॉक्टरों से मिन्नतें की लेकिन उन्हें बीमार बेटी की तस्वीर भी नहीं दिखाई गई। उसने सोमवार को अस्पताल जाकर डॉक्टरों से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की, लेकिन किसी ने कोई माकूल जवाब नहीं दिया।

पद्मविभूषण पंडित छन्नू लाल की बेटी पीएम से गुहार लगा रो पड़ीं (फोटोः एजेंसी))

पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल की बेटी वाराणसी के अस्पताल में कैमरे के सामने हाथ जोड़कर रोती दिखीं। वो अपनी बहन के लिए न्याय मांग रही थीं। उनका कहना था कि “प्रधानमंत्री जी, आप पिता जी के पैर छूते हैं…गुजारिश है कि मेरी दीदी को इंसाफ दिलाएं। ध्यान रहे कि पंडित छन्नूलाल मिश्र वाराणसी में पीएम मोदी के प्रस्तावक भी थे

पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल लाल मिश्र की पत्नी और उनकी बड़ी बेटी संगीता मिश्रा कोरोना से पीड़ित थी। पत्नी मनोरम को रवींद्रपुरी के निजी अस्पताल और बड़ी बेटी संगीता को मैदागिन स्थित मेडविन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन जब उनके परिवार के लोगों ने मरीज को देखने की मांग की तो अस्पताल प्रबंधन ने टालमटोल शुरू दी। कभी टीवी स्क्रीन खराब होने का बहाना किया तो कभी उन्हें वार्ड में जाने की परमिशन नहीं दी।

नम्रता मिश्रा ने बताया कि 26 मई को मां के निधन के बाद उसके पिता ने अपनी बेटी को देखने के लिए डॉक्टरों से मिन्नतें की लेकिन उन्हें बीमार बेटी की तस्वीर भी नहीं दिखाई गई। नम्रता का कहना है कि उसकी दीदी की 1 मई को अस्पताल में मौत हो गई। मां और बहन की मौत से टूट चुकी नम्रता ने सोमवार को अस्पताल जाकर डॉक्टरों से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की, लेकिन किसी ने कोई माकूल जवाब नहीं दिया। काफी देर तक वहां हंगामा हुआ।

अस्पताल में हंगामे की जानकारी के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुची। नम्रता ने अस्पताल के डॉक्टरों पर अपने बहन के हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को इसकी लिखित शिकायत की। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिल गई है। अभी इसकी जांच की जा रही है। ठोस साक्ष्य मिलने के बाद ही मामला दर्ज किया जाएगा। उधर, वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने इस पूरे मामले में जांच के टीम का गठन किया है। डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम इस पूरे मामले की जांच कर सच का पता लगाएगी।

सोशल मीडिया पर नम्रता के वीडियो पर लोगों ने रिएक्ट करके पीएम मोदी और बीजेपी को आईना दिखाया। संदीप कुमार ने लिखा- ये छन्नूलाल जी की बेटी हैं। इनकी मां और बहन कोरोना से गुजर गईं। इनको पता नहीं है कि जिसके ये पैर छूते हैं उसका क्या हाल होता है? कह रही हैं कि ‘प्रधानमंत्री जी आप मेरे पिता के पैर छूते हैं। जनता का राज हैंडल से ट्वीट किया गया-वो इंसान के रूप में राक्षस है। कुर्सी के अलावा किसी से प्यार नही।

विकास गोयल ने लिखा-जो मोदी अपनी बीबी का नहीं हुआ वो देश का क्या होगा पर जाहिल और मूर्ख हिंदू समझने को तैयार नहीं। यह लोग अपना वोट धर्म को छोड़कर मुद्दों पर करते तो शायद आज हालात कुछ ओर होते और अगर कोई ओर सरकार कुछ नहीं करती तो मीडिया उसकी ऐसी-तैसी कर देता पर यहां तो मोदी सरकार हैं कोई नहीं कहने वाला। नाम में क्या रखा है हैंडल से लिखा गया-छन्नूलाल जी की बेटी को शायद पता नहीं कि सत्ता लोलुप के लिए वो सब वोट लेने का बहाना था. काम करना होता तो इतना drama नहीं करता वो।

चेतन ने लिखा-पैर तो वोट पाने के लिए छुए थे। उस समय कोई बोलता कि पैर छूने के बाद धोकर पानी भी पीना पड़ता है तो वो भी कर सकते थे अपने साहेब Loudly crying face
चुनाव के बाद साहेब को पुरानी बातें याद नहीं रहती। उपेंद्र सिंह बघेल का कहना है-मोदी किसी का सगा नही है लिख लो। वो केवल अपने सुख के लिए जीता है,बांकी उसे दुनिया के दुख से कोई लेना देना नही है। जितनी जल्दी हो नीच को पद से हटाओ।

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