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कोरोनाः मुंबई का शख्स suv बेच फ्री ऑक्सीजन सप्लाई का कर रहा काम, सोशल मीडिया पर मिल रही शाबाशी

शाहनवाज शेख की कहानी बेहद प्रेरणादायी है। बीते साल जब कोविड की पहली लहर ने कोहराम मचाया तो शेख ने अपने एक जिगरी दोस्त को खो दिया। उसके बाद उनके मन में लोगों की सेवा का ख्याल आया। उन्होंने अपनी suv बेचकर कुछ पैसे जुटाए और उनसे दवाएं और ऑक्सीजन के सिलेंडर खरीदे।

MUMBAI, MALAD, Shahnawaz Shaikh, OXYGEN FREE SUPPLY, CORONAकोरोना मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए शाहनवाज शेख ने बेच दी अपनी कार (फोटोः स्क्रीनशॉट NDTV वीडियो)

कोरोना अपने पीक पर है और ऑक्सीजन की कमी का सामना लोगों को चाहे अनचाहे करना पड़ रहा है। ऐसे में मुंबई का एक शख्स लोगों की जान बचाने में जुटा है। यूनिटी एंड डिग्निटी फाउंडेशन के जरिए वह लोगों तक मुफ्त में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम कर रहा है। वह लोगों के घर जाकर उन्हें जीवनदायी गैस उपलब्ध कराते हैं।

शाहनवाज शेख की कहानी बेहद प्रेरणादायी है। बीते साल जब कोविड की पहली लहर ने कोहराम मचाया तो शेख ने अपने एक जिगरी दोस्त को खो दिया। उसके बाद उनके मन में लोगों की सेवा का ख्याल आया। उन्होंने अपनी suv बेचकर कुछ पैसे जुटाए और उनसे दवाएं और ऑक्सीजन के सिलेंडर खरीदे। फिर शुरू हुआ लोगों की मदद का सिलसिला, जो आज तक जारी है।

शेख का कहना है कि पिछली बार जब उन्होंने अपना मिशन शुरू किया तो ऑक्सीजन के लिए उनके पास 50 काल्स रोजाना आती थीं। लेकिन इस बार का मंजर काफी अलग है। इस बार गैस की किल्लत के चलते 500-600 काल्स रोजाना आ रही हैं। शेख का कहना है कि वो कैसे भी करके लोगों की जरूरत पूरा करने में जुटे हैं। उनका कहना है कि अभी ऑक्सीजन मिलने में परेशानी हो रही है। सरकार उन्हें अगर गैस उपलब्ध कराती रहे तो वो और ज्यादा शिद्दत से लोगों की सेवा कर सकते हैं।

उनके इस काम को सोशल मीडिया पर शाबाशी मिल रही है तो मलाड़ की मलवानी लेन के वह हीरो हैं। उनके काम की तारीफ करते हुए IFS सुधा रमेन ने लिखा-उनके जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। वो ही असल लाइफ के हीरो हैं। एक अन्य IFS अधिकारी सितांशु पांडेय ने भी उनके काम की तारीफ की है। उनका भी कहना है कि शेख जैसे लोगों की वजह से इंसानियत जिंदा है।

शाहनवाज का कहना है कि पहले वो पैसे की कमी की वजह से अपना काम ठीक तरीके से नहीं कर पा रहे थे। पैसे के जुगाड़ के लिए उन्होंने अपनी कार 22 लाख में बेच दी। इसके अलावा भी कुछ और चीजें उन्होंने बेचीं। उनका कहना है कि पिछले साल वो तकरीबन 5 हजार लोगों तक जीवनदायी गैस पहुंचा चुके हैं। उन्हें लगता है कि संकट के समय में एक जान भी बचाना सबसे बड़ी इबादत है।

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