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सरकार ने बताया 10.40 फीसदी घट गया जुलाई में औद्योगिक उत्पादन, इन क्षेत्रों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 11.1 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह खनन क्षेत्र का उत्पादन 13 प्रतिशत तथा बिजली क्षेत्र का उत्पादन 2.5 प्रतिशत घटा।

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: September 11, 2020 9:18 PM
जुलाई माह में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में 10.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। (स्रोत धीरज सिंह/ब्लूमबर्ग)

IIP India Growth Rate Data July 2020: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जुलाई के महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 10.40 प्रतिशत घटकर 118.1 हो गया है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक गिरने का मुख्य कारण विनिर्माण, खनन और बिजली उत्पादन क्षेत्रों में गिरावट और कम उत्पादन है।

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 11.1 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह खनन क्षेत्र का उत्पादन 13 प्रतिशत तथा बिजली क्षेत्र का उत्पादन 2.5 प्रतिशत घटा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपायों तथा देशभर में लॉकडाउन की वजह से कई औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान मार्च अंत से परिचालन नहीं कर पाए हैं।’

बयान में कहा गया है कि इससे लॉकडाउन के दौरान इन प्रतिष्ठानों का उत्पादन प्रभावित हुआ। बाद में अंकुशों को हटाए जाने के बाद औद्योगिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं। जुलाई 2020 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 118.1 अंक रहा। इससे पहले अप्रैल, मई और जून 2020 में यह क्रमश: 54, 89.5 और 108.9 अंक रहा था।

आंकड़े बताते हैं कि जुलाई 2019 में आईआईपी 4.9 प्रतिशत बढ़ गया था। वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल-जुलाई) में अब तक की औद्योगिक वृद्धि 29.2 प्रतिशत रही है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 3.5 प्रतिशत बढ़ी थी। इस साल की गिरावट में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिसके कारण अप्रैल और मई के दौरान औद्योगिक काम प्रभावित हुए।

आईआईपी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में टिकाऊ उपभोक्ता सामान के उत्पादन में भी 23.6 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 2.4 प्रतिशत घटा था। हालांकि, जुलाई में उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई जबकि एक साल पहले इसी महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 8.5 प्रतिशत बढ़ा था।

आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल जुलाई में विनिर्माण क्षेत्र में 4.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। इसी अवधि के दौरान, खनन क्षेत्र 4.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा था और बिजली क्षेत्र में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई थी। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, COVID-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के ऐलान के मद्देनजर मार्च 2020 के बाद से बड़ी संख्या में औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान संचालित नहीं हो रहे थे।

बयान के मुताबिक, लॉकडाउन की अवधि के दौरान प्रतिष्ठानों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। बाद की अवधि में प्रतिबंधों को हटाने के बाद औद्योगिक गतिविधि फिर से शुरू हो रही है। जुलाई 2020 के महीने का सूचकांक अप्रैल 2020, मई 2020 और जून 2020 की तुलना में (क्रमशः 54.0, 89.5 और 108.9) 118.1 पर है।

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