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पांच दिन बाद कोरोना के मामले तीन लाख से कम

देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले कर्नाटक में दर्ज किए गए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर(फोटो सोर्स: PTI/फाइल)।

देश में सोमवार रात साढ़े दस बजे तक 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना विषाणु संक्रमण के 2,52,197 मामले आए जबकि संक्रमण की वजह से 558 लोगों की मौत हुई। देश में पांच दिन बाद तीन लाख से कम मामले आए हैं। सप्ताहांत में कम जांच होने के चलते कोरोना मामलों की संख्या कम होती है। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। इन आंकड़ों में त्रिपुरा, झारखंड और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं।

देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले कर्नाटक में दर्ज किए गए। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 46,426 मामले सामने आए और 32 लोगों की मौत हुई। तमिलनाडु में 30,215, महाराष्ट्र में 28,286, उत्तर प्रदेश में 11,159, मध्य प्रदेश में 10,585, राजस्थान में 9,480, हरियाणा में 6,007, असम में 5,902, पंजाब में 5,778, दिल्ली में 5,760, जम्मू कश्मीर में 5,394, पश्चिम बंगाल में 4,546, छत्तीसगढ़ में 4,509, उत्तराखंड में 3,064, बिहार में 1,821, हिमाचल प्रदेश में 1,766, गोवा में 1,387, पुदुचेरी में 1,130, अरुणाचल प्रदेश में 668, चंडीगढ़ में 568 मामले आए।

इंदौर में ओमीक्रान उपवंश ‘बीए.2’ के 21 मामले मिले

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक निजी चिकित्सा संस्थान की प्रयोगशाला की जांच में 18 दिन के दौरान कोरोना विषाणु के ओमीक्रान बहुरूप के बीए.2 उप-वंश (सब लीनिएज) के 21 मामले मिले हैं। इस उपवंश से संक्रमित मरीजों में छह बच्चे शामिल हैं। इन 21 मरीजों में शामिल 15 वयस्क कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराकें पहले ही ले चुके थे।

इंदौर के ‘श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज’ (सैम्स) के संस्थापक अध्यक्ष विनोद भंडारी के मुताबिक केंद्र सरकार की मान्यता प्राप्त हमारी ‘मालिक्यूलर वायरोलाजी डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च लैब’ में कोरोना विषाणु के ओमीक्रान बहुरूप के बीए.2 उप-वंश के 21 मामले मिले हैं। ये मामले मिलने की शुरुआत छह जनवरी से हुई है। उन्होंने बताया कि ओमीक्रान बहुरूप के बीए.2 उप-वंश के 21 मामलों में से छह मरीजों के फेफड़ों पर एक फीसद से लेकर 50 फीसद तक असर देखने को मिला है। उनके अनुसार इन 21 मरीजों में से तीन अस्पताल में भर्ती हैं जबकि 18 अन्य को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। इन 21 मरीजों में शामिल 15 वयस्क कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराकें पहले ही ले चुके थे।

मुंबई में 88 फीसद मामले ओमीक्रान के

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुए जीनोम अनुक्रमण में 88 फीसद नमूनों में कोरोना विषाणु का ओमीक्रान बहुरूप पाया गया है। इस विश्लेषण से पता चलता है कि ओमीक्रान बहुरूप, डेल्टा पर हावी होता जा रहा है। मुंबई के कस्तूरबा गांधी अस्पताल ने कुल 363 कोरोना संक्रमितों के नमूनों का जीनोम अनुक्रमण कराया था जिनमें से 320 या 88 फीसद नमूनों में ओमीक्रान बहुरूप पाया गया है।

पिछले महीने हुए जीनोम अनुक्रमण में केवल 55 फीसद नमूनों में ही ओमीक्रान पाया गया था। इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (आइएनएसएसीओजी) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि देश में ओमीक्रान बहुरूप सामुदायिक संक्रमण के स्तर पर है और जिन महानगरों में कोरोना मामलों में तेज वृद्धि देखी जा रही है, वहां यह हावी हो गया है। कोरोना के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने के लिए सरकार की ओर से गठित समूह आइएनएसएसीओजी ने यह भी कहा कि देश में ओमीक्रान के संक्रामक उपवंश बीए.2 की कुछ हिस्सों में मौजूदगी मिली है।

कोरोना पीड़ितों के परिजन का हक है मुआवजा’

बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 पीड़ितों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि पाना अधिकार का मामला है और उन्हें इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश दिवाकर दत्ता और न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह पता करे कि अनुग्रह/मुआवजा राशि के लिए डाक के माध्यम से या अन्य तरीकों से किए गए दावों में देरी क्यों हो रही है या उनसे इनकार क्यों किया जा रहा है।

पीठ स्थानीय संगठन प्रामेया वेलफेयर फाउंडेशन की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में अन्य बातों के साथ-साथ अनुरोध किया गया है कि राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए कि मुआवजा पाने के लिए आनलाइन फार्म भरना अनिवार्य नहीं होना चाहिए और अनुग्रह राशि उन्हें भी मिलनी चाहिए जो डाक से या अन्य तरीकों से इसका दावा कर रहे हैं।

याचिकाकर्ता संगठन की अधिवक्ता सुमेधा राव ने अदालत को बताया कि दावा करने वाले ज्यादातर लोग झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले या गरीब लोग हैं, जिन्हें आनलाइन फार्म भरने और दस्तावेज जमा करने में दिक्कत है। बीएमसी के वकील ने अदालत को बताया कि अभी तक मुआवजे के लिए 34,000 आवेदन मिले हैं, जिनमें से 16,884 आवेदन मंजूरी और भुगतान के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को भेजे गए हैं।

अन्य आवेदनों में कुछ दिक्कतें हैं जैसे.. पता पूरा नहीं होना, सूचनाएं पूरी नहीं होना आदि, वहीं बीएमसी के अधिकार क्षेत्र के बाहर से आए आवेदनों को संबंधित प्राधिकार को भेजा जा रहा है। हालांकि, राव का कहना था कि आवेदकों को उनके आवेदन अस्वीकार करने या उनके आवेदनों की स्थिति की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की वजहें नहीं बताई जा रही हैं। अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय देते हुए इस मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।

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