ताज़ा खबर
 

किसान आंदोलन: सिंघु बॉर्डर पर लोहड़ी पर जलाई गईं कृषि कानूनों की प्रतियां

बुधवार को लोहड़ी के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं।

लोहड़ी पर जलाई गईं कृषि कानूनों की प्रतियां (स्रोत -ANI)।

बुधवार को लोहड़ी के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। गौरतलब है कि आज दिल्ली में किसानों के विरोध का 50 वां दिन भी है। इस बीच खबर है कि हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दुष्यंत चौटाला और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इससे पहले दोहराया था कि हरियाणा की गठबंधन सरकार के लिए कोई खतरा नहीं है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तीन कृषि कानूनों के लागू होने पर रोक लगा दी और चार सदस्यीय समिति का गठन किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए समिति को दो महीने का समय दिया है। SC ने बुधवार को केंद्र से एक हलफनामा भी मांगा कि क्या प्रतिबंधित संगठन ने आंदोलनकारी किसानों को समर्थन दिया था। अदालत में, अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने दावा किया कि “खालिस्तानियों” ने जारी किसानों के आंदोलन में घुसपैठ करने की कोशिश की।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के जवाब में, किसान यूनियन ने घोषणा की है कि वे समिति के सामने पेश नहीं होंगे। किसानों ने कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग दोहराई। नेताओं ने SC के अंतरिम आदेश का स्वागत किया, लेकिन कहा कि यह “समाधान नहीं” है। समिति के सदस्यों को “कानून समर्थक ” कहते हुए, उन्होंने कहा कि पैनल ध्यान हटाने का एक तरीका है, जिससे कि सरकार पर से दबाव हट जाए और किसान अदालत में लड़ते रहें।

आज किसानों ने दिल्ली के आसपास 300 किमी के सभी जिलों में किसानों से अपील की है कि वे दिल्ली में गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर परेड की तैयारी में जुटें और सीमाओं पर जमा हों। एआईकेएससीसी ने कहा है कि भारत सरकार ने पिछले 50 दिनों से लगातार देश की जनता और किसान नेताओं के सामने इस बात की कोई सच्चाई पेश नहीं की है कि ये कानून कैसे किसानों को लाभ पहुंचाएंगे।

उनका ये तर्क कि तकनीकी विकास होगा, पूंजी का निवेश होगा, मूल्य वृद्धि होगी और कुल मिलाकर विकास बढ़ेगा, इन कानूनों के बनने से पूरी तरह स्वतः ही खारिज हो जाएगा, क्योंकि ये कानून इस काम की जिम्मेदारी बड़े कॉरपोरेट को देते हैं और इनमें यह बात भी जुड़ी हुई है कि देश की सरकार इन कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 चुनाव से पहले सीएम ममता को झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार हुए पूर्व सांसद केडी सिंह
2 दूसरे की पत्नी से संबंध पर सेना में भी हो सज़ा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी याचिका
3 किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने कहा- कमेटी कमोड जैसी, राहुल गांधी बोले- ट्रैक्टर ट्रॉली से डर रही सरकार
ये पढ़ा क्या?
X