संसद के दोनों ही सदन हंगामे की वजह से कार्यवाही नहीं चल सकी। इस बीच कांग्रेस पार्टी की महिला सांसदों ने पत्र लिखकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ‘अनुपस्थिति’ का बचाव करने के लिए बीजेपी के दबाव में आकर आपने महिला सांसदों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।
महिला सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वो लगातार मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ती रही हैं। पत्र के जरिए महिला सांसदों ने यह भी कहा, “लोकसभा से प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति हमारे किसी खतरे के कारण नहीं थी, बल्कि यह डर का परिणाम था।”
कांंग्रेस की महिला सांसदों ने अपने पत्र में कहा, “हम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद हैं – एक ऐसा दल जो प्रेम, शांति, संवैधानिक मूल्यों और मानवीय गरिमा में विश्वास करता है। हम हिंसा और धमकी में विश्वास नहीं रखते। हम लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि हैं, जिन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता। हमारा विश्वास है कि पारदर्शिता ही अध्यक्ष पद की गरिमा और इस सदन की विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने का एकमात्र मार्ग है।”
‘निष्पक्ष संरक्षक के रूप में काम करें’
पत्र में कहा गया, “…हम आपके पद और आपके व्यक्तित्व का पूरा सम्मान करते हैं। किंतु यह स्पष्ट है कि आप सत्तारूढ़ दल के निरंतर दबाव में हैं। हम आपसे एक बार फिर आग्रह करते हैं कि आप लोकसभा के निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करें। हम इस प्रयास में आपके साथ खड़े रहेंगे और आपका समर्थन करेंगे।”
उन्होंने पत्र में आगे लिखा, “इतिहास आपको उस व्यक्ति के रूप में याद रखे जो कठिन परिस्थितियों में सही के साथ खड़ा रहा और राष्ट्रहित में संवैधानिक मर्यादाओं को बनाए रखा। इतिहास आपको उस व्यक्ति के रूप में याद न रखे जिसने दबाव के आगे झुककर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया और देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को क्षति पहुंचाई।”
संसद में ओम बिरला द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी के आने को लेकर जो बात कही गई थी, उसपर प्रियंका गांधी ने खारिज कर दिया था। पढ़िए प्रियंका गांधी ने क्या कहा था
