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व्यापमं घोटाले को कांग्रेस जरूरत से अधिक तूल दे रही है

बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के चलते कांग्रेस के निशाने पर आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज कहा कि कांग्रेस द्वारा राजनीतिक स्वार्थवश व्यापमं घोटाले को जरुरत से अधिक तूल दिया जा रहा है, इसलिये मुख्यमंत्री चौहान को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है। केन्द्रीय […]

Author July 14, 2015 11:00 PM

बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के चलते कांग्रेस के निशाने पर आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज कहा कि कांग्रेस द्वारा राजनीतिक स्वार्थवश व्यापमं घोटाले को जरुरत से अधिक तूल दिया जा रहा है, इसलिये मुख्यमंत्री चौहान को इस्तीफा देने की आवश्यकता नहीं है।

केन्द्रीय इस्पात एवं खान मंत्री तोमर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के कारण व्यापमं घोटाले पर झूठा अभियान चलाकर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकेगी और मुख्यमंत्री चौहान को कम से कम कांग्रेस की मांग पर तो त्यागपत्र देने की कोई आवश्यकता नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की इस हरकत से मध्यप्रदेश की देश-विदेश में बदनामी हो रही है। प्रदेश की छवि खराब करने का यह जो पाप कांग्रेस कर रही है, उससे सिर्फ मध्यप्रदेश का नुकसान होगा है कांग्रेस को कोई लाभ नहीं मिलने वाला। मध्यप्रदेश की छवि धूमिल होने और उसे नुकसान पहुंचने के लिये कांग्रेस को माफ नहीं किया जा सकता।’’

उन्होंने कहा कि व्यापमं परीक्षाओं में गड़बड़ियां जैसे ही सात जुलाई 2013 को मुख्यमंत्री चौहान की जानकारी में आई, उन्होंने (चौहान) इस पूरे मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। इसकी गंभीरता के मद्देनजर 24 अगस्त 2013 को मुख्यमंत्री ने जांच का काम एसटीएफ को सौंप दिया।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश पर सीबीआई अब इस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले एसटीएफ की जांच भी मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की निगरानी में हो रही थी और उसने ही एसटीएफ की जांच की निगरानी के लिए एसआईटी का गठन किया, जो एक निश्चित अंतराल पर उच्च न्यायालय को ‘स्टेटस रिपोर्ट’ देती रही है। इससे साफ है कि राज्य सरकार किसी भी सूरत में जांच के काम में हस्तक्षेप करने की स्थिति में नहीं थी।

केंद्रीय इस्पात एवं खान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस मामले में एसटीएफ ने कुल 2,638 लोगों को आरोपी बनाया, 2,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया और 300 से अधिक लोग जेल में बंद हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर लम्बे समय से झूठा अभियान चला रही है। पिछले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनाव सहित कई स्थानीय चुनावों में कांग्रेस ने जोरशोर से व्यापमं का मुद्दा उठाया, लेकिन प्रदेश की जनता ने सभी चुनावों में भाजपा को विजयी बनाकर कांग्रेस के मुद्दे को नकार दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही थी और उसके द्वारा भ्रम का वातावरण तैयार करने से जनता और मीडिया में मामले को लेकर चिंता जताई जाने लगी। भ्रम और चिंता के इसी कुहासे को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने खुद पहल कर पहले उच्च न्यायालय और फिर सर्वोच्च न्यायालय में राज्य शासन की ओर से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग रखी, जो शीर्ष अदालत ने मंजूर कर ली।

तोमर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विषयविहीन हो चुकी कांग्रेस इसके बाद भी 16 जुलाई को ‘मध्यप्रदेश बंद’ का आयोजन करने जा रही है, जो मामले की सीबीआई जांच की वजह से औचित्यहीन हो गई है।

उन्होंने कहा कि व्यापमं घोटाला काफी दुखद विषय है इससे जुड़े लोगों की मौतों को भी हमें दुख है। समय-समय पर राज्य की पुलिस ने संदिग्ध मौतों की जांच भी की है, लेकिन इन मौतों की जांच भी शीर्ष अदालत के निर्देशानुसार सीबीआई करेगी। मुख्यमंत्री चौहान और उनकी सरकार ने मामले में शुरू से ही निष्पक्षता से काम किया है और उनका आचरण भी इस बारे में निष्पक्ष है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सभी क्षेत्रों में विकास की नई ऊंचाईयों को छुआ है तथा प्रदेश एक बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर प्रगतिशील राज्यों की पांत में खड़ा हुआ है। राज्य सरकार के प्रयासों से ही सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और कृषि विकास दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

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