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गिरिराज सिंह बोले- राहुल गांधी की बॉडी लैंग्वेज है ‘गब्बर सिंह’ जैसी

गिरिराज सिंह ने कहा कि दरवाजे के अंदर आपके (कांग्रेस शासन वाले राज्य) वित्तमंत्री जीएसटी का समर्थन करते हैं और बाहर आप इसे गब्बर सिंह कहते हैं।

Author भोपाल | November 17, 2017 8:50 PM
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह। (ANI Photo)

राहुल गांधी द्वारा जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताए जाने वाले बयान पर बिना राहुल का नाम लिए केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष की बॉडी लैंग्वेज ‘गब्बर सिंह’ जैसी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं स्वरोजगार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘कुछ लोग चिल्ला रहे हैं। देश के युवराज (राहुल गांधी) इसे गब्बर सिंह जीएसटी कह रहे हैं। यह गब्बर सिंह जीएसटी नहीं है। आपको समझने में भूल हुई है। आप की भाषा और बाडी लैंग्वेज गब्बर सिंह जैसी है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘दरवाजे के अंदर आपके (कांग्रेस शासन वाले राज्य) वित्तमंत्री जीएसटी का समर्थन करते हैं और बाहर आप इसे गब्बर सिंह कहते हैं। यह दोहरी नीति है। यह जनसेवा का जीएसटी है और देश के व्यापारियों को धीरे-धीरे बात समझ में आने लगी है।’’

राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह ट्वीट किया था, ‘‘हम भाजपा को देश पर गब्बर सिंह टैक्स नहीं लगाने देंगे। वे देश के छोटे और मध्यम व्यापार की रीढ़ नहीं तोड़ सकते और कई लोगों के रोजगार खत्म नहीं कर सकते।’’ केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री ने दावा किया कि एमएसएमई क्षेत्र में देश के लगभग 10 करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है। गत वर्ष देश में लागू किए गए नोटबंदी का बचाव करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे लोगों को परेशानी जरूर हुई, लेकिन उनका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विश्वास कायम है।

उन्होंने दावा किया कि डा. बी आर अम्बेडकर ने भी संविधान में जिक्र किया है कि हर दस साल में एक बार नोटबंदी की जानी चाहिए। लेकिन इंदिरा गांधी (तत्कालीन प्रधानमंत्री) ऐसा करने का साहस नहीं कर सकीं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘अमेरिका ने अपनी तरक्की में पूरे विश्व के लोगों का सहयोग लिया है। यदि भारतीय डॉक्टर वहां न हों तो आधा अमेरिका बीमार हो जाए।’’ इस अवसर पर चौहान ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए कुछ घोषणाएं भी की।

उन्होंने लघु उद्योगों के लिये पूर्व में दिए जा रही सब्सिडी के स्थान पर जीएसटी लागू होने के बाद इन उद्योगों को मशीनें खरीदने के लिए 40 प्रतिशत अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने छोटे उद्योगों के लिये नियमों को सरल करने के साथ ही उनकी जरूरत के अनुसार छोटे भूखंड देने की भी बात कही। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के इस दो दिवसीय सम्मेलन में बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुए।

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