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कोरोना: ऑक्सीजन बिना एक भी मौत नहीं- संसद में कहने वाले मंत्री के खिलाफ प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

सरकार ने मंगलवार को ही राज्यसभा में बताया था कि दूसरी लहर के दौरान विशेष रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की भी मौत की जानकारी नहीं दी।

Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: July 21, 2021 9:20 AM
केंद्र सरकार ने यह जरूर माना है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान राज्यों द्वारा ऑक्सीजन की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

कांग्रेस ने मंगलवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार पर यह गलत जानकारी देकर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मौत नहीं हुई। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाएंगे क्योंकि उन्होंने सदन को ‘गुमराह’ किया है।

गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार को ही राज्यसभा में बताया था कि दूसरी लहर के दौरान विशेष रूप से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की भी मौत की जानकारी नहीं दी। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने केसी वेणुगोपाल के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया ‘‘बहरहाल, कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई थी । महामारी की पहली लहर के दौरान, इस जीवन रक्षक गैस की मांग 3095 मीट्रिक टन थी जो दूसरी लहर के दौरान बढ़ कर करीब 9000 मीट्रिक टन हो गई।’’

वेणुगोपाल ने कहा कि सभी ने देखा है कि राष्ट्रीय राजधानी सहित कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कैसे लोगों की मौत हुई। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”दरअसल, मंत्री ने सदन को गुमराह किया और मैं निश्चित रूप से मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करूंगा क्योंकि मंत्री ने गलत जानकारी देकर सदन को गुमराह किया।”

सरकार पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पी चिदंबरम ने भी ट्वीट किए। जहां राहुल ने कहा कि सिर्फ ऑक्सीजन की ही कमी नहीं थी। संवेदनशीलता व सत्य की भारी कमी तब भी थी, आज भी है। वहीं, चिदंबरम ने लिखा, “सरकार ने हर त्रासदी का सामना करने में धोखा और धमकी देने की कला में महारत हासिल कर ली है। पहले वैक्सीन की कोई कमी नहीं थी। अब कल ही मध्य प्रदेश के धार में वैक्सीन खत्म हो गई। यही कहानी सभी टीकाकरण केंद्रों की हैं। अब कह रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई। एक अंधी और बहरी सरकार सच देख और सुन नहीं पाएगी।”

इसके अलावा दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने केंद्र पर जबरदस्त निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी कमी पैदा हो गई थी। केंद्र सरकार महामारी शुरू होने के बाद से ही मामले को दबाने की कोशिश में है। उसकी खराब नीतियों और उन्हें लागू करने में आ रही कमी की वजह से ही देश को महामारी के सबसे कठिन समय में ऑक्सीजन का संकट झेलना पड़ा।

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