कांग्रेस नेतृत्व ने गुरुवार को अपने महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ बैठक की। इसमें संगठन से जुड़े मुद्दों, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम और वर्तमान सियासी घटनाक्रमों पर चर्चा की गई।
इस मीटिंग के बाद केसी वेणुगोपाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि हमारी बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, खासकर आर्थिक संकट पर चर्चा हुई। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं। लोग भारी परेशानी में हैं, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पार्टी पूरे भारत में एक राष्ट्रीय अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर भी चलाया जाएगा। जहां भी लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी वहां जाएगी, उनकी भावनाओं को समझेगी और उनके लिए संघर्ष करेगी।”
कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतरना चाहिए- वेणुगोपाल
केसी वेणुगोपाल ने आगे कहा, “हम केवल आंदोलन के पारंपरिक तरीकों से ही नहीं, बल्कि उन लोगों तक पहुंचेंगे जो पीड़ित हैं, जो पीड़ा में हैं। हम उनके दर्द को समझने और अधिकतम आंदोलन के माध्यम से उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस के प्रत्येक नेता और कार्यकर्ता को सड़कों पर उतरना चाहिए। हम अगले दो से पांच दिनों में कार्यक्रम का विस्तृत विवरण तैयार करेंगे।”
वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी का खेल चल रहा है- केसी वेणुगोपाल
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “इसका कारण यह बताया गया कि उन्होंने अदालत द्वारा भेजे गए नोटिस का खुलासा नहीं किया। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला, कोई एफआईआर या कोई आरोपपत्र दर्ज नहीं था, फिर भी उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। दूसरी ओर, झारखंड में भाजपा समर्थित कॉरपोरेट उम्मीदवार ने संबंधित कॉलम में अपना नाम ठीक से नहीं लिखा, फिर भी रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन स्वीकार कर लिया। एक तरफ आपने मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया और दूसरी तरफ नामांकन पत्र में इतनी सारी खामियों के बावजूद नामांकन स्वीकार कर लिया। यह भारतीय लोकतंत्र की दयनीय स्थिति को दर्शाता है। वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी का खेल चल रहा है।”
कांग्रेस में टीएमसी के विलय की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया
केसी वेणुगोपाल ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी में विलय की खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए तृणमूल से बड़े पैमाने पर हो रहे विधायकों के पलायन के बीच चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। वेणुगोपाल ने कहा, “अन्य पार्टियों के सांसदों को इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करना सीट-चोरी के समान है।” उन्होंने आगे कहा कि “इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के लिए टीएमसी और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बातचीत चल रही है।”
इस बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी, जयराम रमेश और कई अन्य नेता मौजूद थे। हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस महासचिवों एवं प्रभारियों की संयुक्त रूप से यह बैठक पहली बार हुई है।
खड़गे ने एक्स पर पोस्ट किया, ”आज देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियां हैं। नीट, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों ने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों का विश्वास हिलाया है। राहुल गांधी खुद प्रभावित छात्रों और युवाओं से मिले हैं तथा उनकी आवाज को देश के सामने मजबूती से रखा है।”
यह भी पढे़ं: टीएमसी-कांग्रेस में विलय की खबरों में कितनी सच्चाई?
टीएमसी में बड़ी टूट हुई है। पहले 60 से अधिक विधायकों ने बगावत की और फिर सांसदों ने की। पार्टी के आधे से अधिक सांसद बगावत कर चुके हैं। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद टीएमसी के कांग्रेस में विलय की ख़बरें सामने आने लगी। हालांकि अधिकारिक तौर पर किसी दल की ओर से कुछ नहीं कहा गया। इस बीच टीएमसी के वरिष्ठ नेता और सांसद सौगात रॉय ने कांग्रेस में विलय को लेकर बड़ा बयान दिया है। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…
