ताज़ा खबर
 

माफी की मांग पर लोकसभा से वाकआउट किया कांग्रेस और तृणमूल ने

नेशलन हेराल्ड विषय से हटने का संकेत देते हुए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा से यह कह कर वाकआउट किया कि जब तक बुधवार को सदन में विवादास्पद टिप्पणी करने वाले भाजपा सदस्य माफी नहीं मांगते या उन्हें निलंबित नहीं किया जाता, वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे...

Author नई दिल्ली | December 10, 2015 23:41 pm
लोकसभा की कार्यवाही (फाइल फोटो)

नेशलन हेराल्ड विषय से हटने का संकेत देते हुए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा से यह कह कर वाकआउट किया कि जब तक बुधवार को सदन में विवादास्पद टिप्पणी करने वाले भाजपा सदस्य माफी नहीं मांगते या उन्हें निलंबित नहीं किया जाता, वे सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हालांकि कहा कि दोनों ओर से ऐसी हरकतें हो रही है और वे किस किस से ‘सॉरी’ बोलने के लिए कहें।

सरकार की ओर से कहा गया कि नियम केवल एकतरफा लागू नहीं हो सकते। एक तरफ कांग्रेस के सदस्य आसन के समीप आकर लगातार नारे लगाएं और आसन को घेरकर उपाध्यक्ष के ऊपर कागज फेंके और दूसरी तरफ किसी एक सदस्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करें, ऐसा कैसे होगा। सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्य सदस्य वीरेंद्र सिंह ने बुधवार को राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और सरकार उनका पूरा समर्थन कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष को अपमानित करने पर तुली है। अगर सरकार ऐसे सदस्य और उसकी टिप्पणी का समर्थन करेगी तब हम इसे बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। आज तीन तरह के माहौल बने हुए हैं। असहिष्णुता का माहौल, राजनीतिक बदले की भावना का माहौल और अब कुछ नहीं मिला तो अपमान करने का माहौल। खडगे ने एलान किया कि जब तक संबंधित सदस्य को निलंबित नहीं किया जाता, या वे बिना शर्त माफी नहीं मांगते तब तक वे सदन में नहीं आएंगे। इसके साथ ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कांग्रेस सदस्य सदन से बाहर चले गए।

तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने आरोप लगाया कि स्थिति से निपटने के लिए संसदीय कार्य राज्य मंत्री उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने कहा कि सदस्य द्वारा खेद प्रकट करने में क्या हर्ज है। उनके ऐसा नहीं करने के विरोध में हम सदन से वाकआउट करते हैं। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा- मैंने सदस्य से खेद प्रकट करने के लिए कहा था। अब मैं हाथ पकड़कर ऐसा नहीं करा सकती। यहां से भी (विपक्ष) आसन के ऊपर कागज फेंके गए, उस पर भी मैं कुछ नहीं कह रही हूं। किस किस को ‘सॉरी’ बोलने के लिए कहूं।

इससे पहले तक कांग्रेस पिछले कुछ दिनों से नेशनल हेराल्ड मामले की पृष्ठभूमि में सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रही थी। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा- मैं अंतिम व्यक्ति होऊंगा जो किसी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत आक्षेपों का समर्थन करूंगा। लेकिन कोई बात एकतरफा नहीं होगी। कांग्रेस के सदस्य आसन के समीप आते हैं, देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हैं, प्रधानमंत्री के सामने आकर पीठ दिखाकर खड़े होते हैं, उन्हें उनके सामने हिटलर कहते हैं, अध्यक्ष के आसन के पास आकर डिप्टी स्पीकर के सामने कागज फेंकते हैं। इस विषय पर दो मापदंड नहीं होना चाहिए।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि भाजपा सदस्य ने जो टिप्पणी की थी, आसन ने उसे कार्यवाही से निकाल दिया। लेकिन कांग्रेस सदस्य उससे पहले पिछले दो दिनों से आसन के सामने आकर हंगामा कर रहे हैं। यह दोहरा मापदंड कब तक चलेगा। राकांपा के तारिक अनवर ने कहा कि यह आसन का अधिकार है कि वह सदन की मर्यादा की रक्षा करें और विवादास्पद बयान देने वाले सदस्य से माफी मंगवाएं।

माकपा के मोहम्मद सलीम ने कहा कि पिछले दो दिनों से संसद में हंगामा हो रहा है जो गलत है। हंगामे के बीच ही विधेयक पारित हो रहे हैं जो नहीं होने चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार को पूरे विपक्ष को साथ लेना चाहिए, न कि सिर्फ भाजपा और कांग्रेस मिलकर आपस में चीजें तय कर लें। इस पर अध्यक्ष ने हंसकर वेंकैया नायडू से कहा कि वे सलीम से भी बात कर लिया करें। नायडू ने भी कहा कि यह अच्छा सुझाव है।

बीजद के भतृहरि माहताब ने कहा कि कांग्रेसी सदस्यों ने बुधवार को न केवल आसन पर कागज फेंके बल्कि आसन को जोर जोर से थपथपाया भी। इन सदस्यों ने उपाध्यक्ष के संयम का कड़ा इम्तिहान लिया। उन्होंने कहा कि बुधवार की यह घटना बहुत गंभीर है और उनकी पार्टी वीरेंद्र सिंह के आचरण से भी सहमत नहीं है। उन्होंने मांग की कि विधेयकों को हंगामे के बीच पारित नहीं करवाया जाए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App