टीएमसी में फूट के बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा है कि टीएमसी-कांग्रेस का विलय हो सकता है। पार्टी में जारी उठा-पठक के बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बुधवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार ने कहा कि आखिरकार सभी को कांग्रेस में आना ही होगा।

कांग्रेस-टीएमसी विलय की खबरों पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, “राजनीति संभावनाओं की कला है। कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता कि क्या होगा लेकिन मैं एक बात कह सकता हूं कि आखिरकार सभी को कांग्रेस में आना ही होगा क्योंकि पार्टी के भीतर लोकतंत्र है। जिसके कारण कांग्रेस बाहरी रूप से लोकतंत्र के लिए लड़ती है और आंतरिक रूप से उसका पालन करती है जो अन्य राजनीतिक दलों में नहीं पाया जाता।”

कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं- शुभंकर सरकार

शुभंकर सरकार ने आगे कहा, “कांग्रेस के अलावा कोई अन्य राजनीतिक दल नहीं है जो पूरे देश में भाजपा द्वारा थोपी गई तानाशाही और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ रहा हो। राहुल गांधी की आवाज दलितों और पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करती है, वे एक जननेता हैं जिन्होंने कभी समझौता नहीं किया। आप अगर आज देश और संविधान को बचाना चाहते हैं तो आपको राहुल गांधी के साथ एक सहयोगी के रूप में चलना होगा। कांग्रेस के दरवाजे उन लोगों के लिए खुले हैं जो इस रास्ते पर चलने को तैयार हैं और डरते नहीं हैं। यह सवाल नहीं है कि कौन आता है या कौन जाता है; दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं क्योंकि कांग्रेस में शामिल होना ताजगी भरी हवा, एक नई जिंदगी प्रदान करता है।”

केसी वेणुगोपाल ने विलय की खबरों को अफवाह बताया

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उनकी पार्टी में टीएमसी के विलय के दावे वाली खबरों को अफवाह और निराधार करार दिया। उन्होंने कहा, ”यह सिर्फ अफवाह है। हमारे संचार मामलों के प्रभारी (जयराम रमेश) ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि विलय की बात निराधार है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से नियमित बातचीत की। यह एक तरह से ‘इंडिया’ गठबंधन से जुड़ी चर्चा का विस्तार था क्योंकि हर कोई इस गठबंधन को मजबूत करना चाहता है।” जयराम रमेश ने कहा कि विलय संबंधी बातें सिर्फ अफवाह हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इन अटकलों पर कहा कि वे किसी भी संभावित बातचीत या बैठक के बारे में जानकारी नहीं रखते। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी पार्टी के शीर्ष नेताओं में से एक हैं लेकिन बैठकों में क्या चर्चा हो रही है, मैं बाहर से कैसे बता सकता हूं? मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं।” अधीर रंजन ने कहा कि उन्हें बंगाल में किसी विलय या राजनीतिक समझौते की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर कोई औपचारिक निर्णय लिया जाएगा तो हमें विश्वास में लिया जाएगा। फिलहाल मैं पूरी तरह अंधेरे में हूं।”

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टीएमसी में बड़ी फूट के बीच बगावती सांसदों के गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार की तरफ से लगातार ये दावा किया गया कि उनके गुट में 20 सांसद हैं। इन बागवती सांसदों के लिस्ट में एक नाम सांसद प्रतिमा मंडल का भी बताया गया था, जबकि अब उन्होंने इन सारे दावों को खारिज किया है। प्रतिमा मंडल ने कहा है कि वे अपने क्षेत्र के लोगों और ममता बनर्जी के साथ हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें