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मोदी को नहीं भेजा न्यौता: नायडू ने कांग्रेस पर संकीर्ण मानसिकता का आरोप लगाया

नई दिल्ली। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती को लेकर होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को न्यौता नहीं देने के चलते कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने आज कहा कि इससे पार्टी और उनके नेतृत्व की ‘‘संकीर्ण मानसिकता’’ पता चलती है। नायडू ने यहां रोहिणी में […]

Author November 13, 2014 12:34 AM
विकास पर हावी होती जा रही है राजनीति: वैंकेया नायडू

नई दिल्ली। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती को लेकर होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को न्यौता नहीं देने के चलते कांग्रेस पर हमला बोलते हुए शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने आज कहा कि इससे पार्टी और उनके नेतृत्व की ‘‘संकीर्ण मानसिकता’’ पता चलती है।

नायडू ने यहां रोहिणी में बेघरों के लिए विवेकानन्द आश्रयस्थल के उद्घाटन कार्यक्रम से इतर यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘नेहरू भारत के प्रथम प्रधानमंत्री थे और मोदी वर्तमान प्रधानमंत्री हैं। नेहरू के बारे में सम्मेलन में मोदी को न्यौता नहीं देने के कांग्रेस के निर्णय पर मुझे हंसी आती है जबकि वह अन्य देशों के नेताओं को आमंत्रित कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे कांग्रेस पार्टी एवं उसके नेतृत्व की संकीर्ण मानसिकता का पता चलता है। मुझे प्रधानमंत्री को कांग्रेस द्वारा न्यौता नहीं देने के इस कारण पर भी हंसी आती है कि मोदी नेहरू की विचारधारा में विश्वास नहीं रखते।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी के निर्णय से मुझे केवल हंसी आयी, हालांकि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है।’’

कांग्रेस के सूत्रों ने बताया था कि भाजपा या उसके सहयोगियों के किसी भी नेता को 17 एवं 18 नवंबर को होने वाले दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया है। इस सम्मेलन में नेहरू की विरासत एवं विश्व दृष्टिकोण को उजागर किया जायेगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय नेता और भारत एवं विदेश के कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

कांग्रेस के निर्णय पर आपत्ति व्यक्त करते हुए नायडू ने कहा, ‘‘विभिन्न दलों के नेताओं की भिन्न सोच एवं विचारधारा हो सकती है। लेकिन प्रधानमंत्री, चाहे वे पूर्व के हों या वर्तमान, राष्ट्रीय नेता होते हैं। उन्हें इसी तरह से देखा जाना चाहिए न कि वैचारिक मतभेदों की बात करनी चाहिए।’’

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