केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस के अंदर शनिवार को खींचतान तेज हो गई। पार्टी हाईकमान के आवास पर तीन दावेदारों वी डी सतीशन, के सी वेणुगोपाल और पूर्व राज्य कांग्रेस अध्यक्ष रमेश चेन्निथला के साथ तीन घंटे तक गहन चर्चा हुई। हालांकि, किसी भी दावेदार पर सहमत नहीं बन सकी।
हाई कमान के लिए एकमात्र राहत की बात यह थी कि वह तीनों नेताओं को अपने समर्थकों से संयुक्त रूप से अपील करने के लिए राजी करने में कामयाब रही कि वे मुख्यमंत्री पद की रेस को सड़कों पर न ले जाएं। तीनों नेताओं ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ मिलकर सड़क पर विरोध प्रदर्शन न करने की संयुक्त अपील जारी की। सतीशन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तीनों नेताओं के समर्थकों द्वारा राज्य भर में लगाए गए सभी फ्लेक्स बोर्ड और बैनर शनिवार रात तक हटा दें।
राहुल गांधी प्रदर्शन से नाराज
हाई कमान विशेषकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल की सड़कों पर कांग्रेस के अभूतपूर्व गुटबाजी प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया है और तर्क दिया है कि इसने विधानसभा चुनावों में यूडीएफ की शानदार जीत की चमक को धूमिल कर दिया है। राहुल गांधी इस पर बेहद नाराज थे। उन्होंने तीनों उम्मीदवारों से कहा कि भारी जनादेश को देखते हुए इस तरह के दबाव बनाने के हथकंडे अपनाने से बचना चाहिए था और उनके अपने-अपने गुटों द्वारा सार्वजनिक रूप से समर्थन दिखाना उन लोगों का अपमान है जिन्होंने कांग्रेस को जनादेश दिया है।
खड़गे और राहुल गांधी के साथ सामूहिक और व्यक्तिगत रूप से हुई तीन घंटे की चर्चा के दौरान, तीनों दावेदार मुख्यमंत्री पद के लिए अपने-अपने दावे पर अडिग रहे। वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि उन्हें कांग्रेस विधायक दल में बहुमत का समर्थन प्राप्त है, पार्टी के 63 विधायकों में से 40 से अधिक विधायक उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि चेन्निथला ने अगले मुख्यमंत्री के चयन में वरिष्ठता के महत्व पर जोर दिया।
सतीशन ने क्या दावा किया?
वहीं, सतीशन ने दावा किया कि उन्हें यूडीएफ के सहयोगियों का समर्थन हासिल है और जनता की राय उनके पक्ष में है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने हाईकमान को बताया कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री पद नहीं दिया गया तो वे कोई भी पद स्वीकार नहीं करेंगे।
बैठक के बाद, केरल की प्रभारी एआईसीसी महासचिव दीपा दासमुंसी ने कहा कि आखिरी फैसला बहुत जल्द और सही समय पर घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पिछले दो-तीन दिनों से कुछ अति उत्साही कार्यकर्ता हैं और केरल में कुछ उपद्रवी घटनाएं हुई हैं। जनता ने हमें भारी बहुमत दिया है और ये उपद्रवी घटनाएं हमारी कांग्रेस संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए, हम सभी कार्यकर्ताओं से इस तरह की गतिविधियों को रोकने का अनुरोध करते हैं।” दासमुंसी, एआईसीसी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक के साथ चर्चा में शामिल थीं।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के नव निर्वाचित विधायकों और राज्य के सांसदों के भारी बहुमत ने एआईसीसी पर्यवेक्षकों माकन और वासनिक को बताया कि वे वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। हालांकि, चेन्निथला और सतीशन दोनों गुटों ने भी विधायकों के समर्थन का दावा किया है।
हाई कमान के सामने एक कठिन चुनौती
हाई कमान के सामने एक कठिन चुनौती है। हालांकि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल का समर्थन करते दिख रहे हैं, वहीं पिछले पांच सालों में विपक्ष के नेता के रूप में कांग्रेस और यूडीएफ के अभियान का नेतृत्व करने और पिनाराई विजयन की सीपीआई (एम) सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के बाद सतीशन जनता की नजरों में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे हैं। तीनों दावेदारों में चेन्निथला सबसे वरिष्ठ हैं।
तीनों नेता केरल के लिए रवाना हो चुके हैं, जो इस बात का संकेत है कि उनके साथ परामर्श की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
केरल में तीन सीटों पर बीजेपी की जीत पर बोले पिनाराई विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विधानसभा चुनाव में मिली हार को ‘आश्चर्यजनक’ बताया। उन्होंने कहा किवे एलडीएफ केरल में जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगा और राज्य सरकार पर लोगों की भलाई की योजनाएं लागू करने के लिए दबाव बनाएगा। इस दौरान उन्होंने तीन सीटों पर बीजेपी की जीत को राज्य के लिए ‘गंभीर’ बताया। पढ़ें पूरी खबर…
