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कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ में न बुलाए गए नेताओं के लिए मिनी शिविर, ‘भगदड़’ के बीच राहुल पहुंचे लंदन

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राहुल की इस यात्रा को लेकर कहा कि वह देश के वर्तमान और भविष्य के बारे में प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत करेंगे।

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सोनिया गांधी और राहुल गांधी (Express File Photo)

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय(13 से 15 मई) चिंतन शिविर में संगठन को मजबूत करने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं इस शिविर में पार्टी के कई नेताओं, कांग्रेस शासित राज्य के मंत्रियों, पीसीसी के कार्यकारी अध्यक्षों और राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को न बुलाए जाने को लेकर भी खूब चर्चा रही। आमंत्रित न किये जाने को लेकर नेताओं में नाराज़गी भी देखी गई। हालांकि कांग्रेस अब फिर से एक छोटा शिविर आयोजित करने जा रही है।

पार्टी के जिन नेताओं को उदयपुर के चिंतन शिविर में नहीं बुलाया गया, उनके लिए कांग्रेस अब एक दिन के सत्र की योजना बनाई है। इस सत्र में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और शीर्ष नेतृत्व भी शामिल होगा। बता दें कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है और महाराष्ट्र और झारखंड में सत्ता में सहयोगी है। सभी राज्यों में कांग्रेस के लगभग 70 कार्यकारी अध्यक्ष हैं। ऐसे में कुल मिलाकर इस मिनी-शिविर में लगभग 120 नेता शामिल होंगे।

गुजरात में कांग्रेस के लिए मशक्कत: दरअसल इसी साल के अंत में गुजरात विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस ने राज्यभर में कई कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। साथ में विधानसभा की कुल 182 सीटों में से 125 जीतकर अगली सरकार बनाने का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस भाजपा शासित गुजरात में करीब तीन दशक से सत्ता से बाहर है।

बता दें कि मुश्किल दौर में कांग्रेस से लगातार नेताओं का पलायन सिरदर्द बना हुआ है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं में नया नाम सुनील जाखड़ और हार्दिक पटेल का है। गुरुवार को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जाखड़ ने भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं माना जा रहा है कि हार्दिक भी भाजपा में जा सकते हैं। इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरपीएन सिंह ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया था।

इस सूची में और भी कई ऐसे नेताओं का नाम शामिल है। जो कभी राहुल गांधी की ‘युवा ब्रिगेड’ का हिस्सा माने जाते थे। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले प्रमुख युवा नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला मार्च, 2020 में उस समय हुआ जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को अलविदा कह भाजपा का दामन थाम लिया था।

केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय सिंधिया, पायलट, प्रसाद, आरपीएन सिंह और मिलिंद देवड़ा वे चंद युवा नेता थे जिन्हें राहुल गांधी की ‘युवा ब्रिगेड’ की संज्ञा दी जाती थी। आज इनमें से पायलट और देवड़ा ही कांग्रेस में रह गए हैं। पिछले साल ही महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने भी कांग्रेस छोड़ तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया।

राहुल गांधी की लंदन यात्रा: जहां एक तरफ से कांग्रेस में बीते दिनों में कई नेताओं ने इस्तीफा दिया तो वहीं इस हलचल के बीच पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को आइडियाज फॉर इंडिया को संबोधित करने के लिए लंदन के लिए रवाना हो गए। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राहुल की इस यात्रा को लेकर कहा कि वह देश के वर्तमान और भविष्य के बारे में प्रवासी भारतीयों से भी बातचीत करेंगे।

सुरजेवाला ने बताया कि राहुल गांधी 23 मई को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में ‘India at 75: एक लचीला-आधुनिक भारत के लिए चुनौतियां और आगे का रास्ता’ विषय पर अपना संबोधन देंगे। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और प्रियांक खड़गे भी लंदन में हैं। बता दें कि उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने पिछले कुछ महीनों में कई विदेशी विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ सिलसिलेवार संवाद किये हैं।

गैर-लाभकारी थिंक-टैंक ब्रिज इंडिया द्वारा आयोजित ‘आइडिया फॉर इंडिया’ सम्मेलन में कई विपक्षी नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। इसमें राजद नेता तेजस्वी यादव और पार्टी सांसद मनोज कुमार झा, टीआरएस नेता के टी रामा राव, सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस के सलमान खुर्शीद और सैम पित्रोदा, प्रद्योत माणिक्य और त्रिपुरा के स्वदेशी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन के नेता भी शामिल होंगे।

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