scorecardresearch

Bilkis Bano: कांग्रेस ने  11 दोषियों की रिहाई पर उठाया सवाल, PM को याद दिलाया ‘राज धर्म’

Congress Slams Center over Verdict on Bilkis Bano Case: अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष खेड़ा ने कहा कि वह पीएम मोदी को फिर से राजधर्म की याद दिलाना चाहते हैं।

Bilkis Bano: कांग्रेस ने  11 दोषियों की रिहाई पर उठाया सवाल, PM को याद दिलाया ‘राज धर्म’
Bilkis Bano Case: बिलकिस बानो (Photo- Indian Express)

Gujrat Riots: साल 2002 में हुए गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के गैंगरेप और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या में आजीवन कारावास की सजा पाए 11 आरोपियों के मंगलवार (16 अगस्त) को जेल से बाहर आने पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को याद दिलाते हुए पूछा इन 11 आरोपियों के छूटने से कुछ ही घंटे पहले आपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण महिला शक्ति की बात की थी।

कांग्रेस ने गुजरात सरकार के आदेश को ‘अभूतपूर्व’ बताया और कहा,”आपने दोषियों को उनकी सजा के 14 साल बिताने का हवाला देते हुए कहा कि जेल में उनका आचरण अच्छा था और अपराध की प्रकृति … अपराध की प्रकृति, क्या बलात्कार उस श्रेणी में नहीं आता है जिसमें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए कि कोई भी सजा पर्याप्त नहीं है? और आज हमने देखा कि जिन्हें छोड़ दिया गया उनका अभिनंदन और सम्मान किया जा रहा है। क्या यह अमृत महोत्सव है?”

PM Narendra Modi को याद दिलाया राजधर्म

मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष खेड़ा ने कहा कि वह पीएम मोदी को फिर से राजधर्म की याद दिलाना चाहते हैं जिसके बारे में पूर्व पीएम ने 2002 के दंगों के बाद गुजरात यात्रा के दौरान कहा था। पीएम मोदी को आगे आना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उन्होंने अपने लाल किले के भाषण में जो कहा वह सिर्फ शब्द थे जिसका कोई मतलब नहीं था। खेड़ा ने कहा, “क्या पीएम का मतलब यह नहीं है कि वह क्या कहते हैं? या ऐसा है कि उनकी अपनी पार्टी और उनकी सरकारों ने उनकी बातों को सुनना बंद कर दिया है?… क्या वह देश से एक बात कहते हैं और दूसरी अपनी पार्टी की सरकार से?”

Supreme Court ने भी कहा था बिलकिस बानो के साथ गलत हुआ

पवन खेड़ा ने कहा कि 2017 तक सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो के लिए 50 लाख रुपये की राहत सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप किया था, यह कहते हुए कि यह इस बात का सबूत था कि उसके साथ जो हुआ वह गलत था क्योंकि उसके परिवार को यातना दी गई थी। “फिर भी प्रधानमंत्री की हिम्मत कैसे हुई लाल किले की प्राचीर से महिला सशक्तिकरण की बात करने की?” कांग्रेस ने इस तथ्य को भी रेखांकित किया कि गुजरात आदेश उस दिन आया था जब भारत ने अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष को चिह्नित किया था।

कांग्रेस ने ‘आप’ पर भी साधा निशाना

कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर भी इस बात को लेकर हमला बोला कि अभी तक आम आदमी पार्टी जो गुजरात चुनावों में कांग्रेस की तरह एक दावेदार है उसकी ओर से भी अभी तक इन आरोपियों के छूटने के आदेश के बारे में कोई बयान नहीं आया है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल, एआईएमआईएम और सीपीएम जैसे अन्य दलों ने बीजेपी सरकार के इस कदम की जमकर आलोचना की थी।

इन सियासी दलों ने पीएम मोदी को घेरा
राजद के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा: “पीएम मोदी ने आज नारी सम्मान पर लंबा बयान दिया और कहा कि किसी को महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए …

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘यह बीजेपी का आजादी का अमृत का संस्करण है। जो लोग जघन्य अपराध के दोषी हैं उन्हें आजादी दी गई है। एक धर्म के लिए बीजेपी का पूर्वाग्रह ऐसा है कि क्रूर बलात्कार और घृणा अपराध भी माफ करने योग्य हैं।”

सीपीएम ने ट्वीट कर गुजरात सरकार के आदेश की कड़ी निंदा की। “यह न्यू इंडिया का असली चेहरा है – सजायाफ्ता हत्यारों और बलात्कारियों को रिहा किया गया। न्याय के लिए लड़ने वाली एक्टिविस्ट तीस्ता को जेल भेज दिया गया।

टीएमसी के प्रवक्ता साकेत गोखले ने ट्वीट किया कि गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो के खिलाफ “इस जघन्य अपराध के दोषी सभी 11 राक्षसों” को रिहा कर दिया है।”

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट