साइलेंट दिख रही कांग्रेस, पर नहीं बैठी है शांत! PK के साथ हुई मंत्रणा, सिद्धू भी सोनिया से मिले

वैसे तो कांग्रेस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शांत नजर आ रहा है लेकिन इस शांति के पीछे कोई बड़ी योजना छिपी हो सकती है। प्रशांत किशोर के साथ तीनों गांधियों की मुलाकात इस ओर इशारा कर रही है।

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सोनिया गांधी से मिलने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की तस्वीर। क्रेडिट- पीटीआई

इन दिनों कई राज्यों में कांग्रेस पार्टी में हलचल दिखायी दे रही है वहीं शीर्ष नेतृत्व मौन साधे हुए है। हालांकि इस शांति के पीछे कोई बड़ी योजना भी हो सकती है। कुछ दिन पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात भी की थी। इसके बाद ये अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। उधर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी शुक्रवार को सोनिया गांधी से मुलाकात की। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक तीन दिन पहले प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद अब प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश का दौरा भी शुरू कर दिया है। जानकारों का कहना है कि प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के लिए आगे की रणनीति तय करनी शुरू कर दी है। गांधी के साथ हुई बैठक में पंजाब और उत्तर प्रदेश दोनों पर चर्चा की गई। यह भी कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में विधानसभा चुनाव ही नहीं बल्कि 2024 के आम चुनाव को लेकर भी बातचीत हुई।

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बता दें कि प्रशांत किशोर ने पहले ही स्पष्ट कहा था कि मोदी के खिलाफ कोई भी तीसरा मोर्चा बिना कांग्रेस के संभव नहीं है। कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव के समय प्रशांत किशोर की मदद ली थी लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि देखा जा र हा है कि ममता बनर्जी की जीत के बाद विपक्ष एक बार फिर प्रशांत पर भरोसा कर रहा है।

सोनिया गांधी से मिले सिद्धू
कांग्रेस की पंजाब इकाई में चल रही कलह के बीच राज्य के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। यह मुलाकात उस वक्त हुई है जब पार्टी की पंजाब इकाई में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी और इसमें सिद्धू को महत्वपूर्ण भूमिका देने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी इस बैठक में मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पार्टी संगठन में सिद्धू को महत्वपूर्ण भूमिका दिए जाने का विरोध किया है, हालांकि रावत ने ऐसी खबरों को खारिज किया है। रावत ने गुरुवार को कहा कि आलाकमान एक ऐसे फार्मूले पर काम कर रहा है जिससे अमरिंदर सिंह और सिद्धू दोनों मिलकर काम करें और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाएं।

अमरिंदर और सिद्धू दोनों ने की बैठकें
अमरिंदर सिंह और सिद्धू दोनों ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में अपने समर्थकों के साथ बैठकें कीं। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से पंजाब कांग्रेस में खुलकर कलह देखने को मिल रही है। पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

पार्टी में कलह को दूर करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने मुख्यमंत्री समेत पंजाब कांग्रेस के 100 से अधिक नेताओं की राय ली और फिर अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी।  (भाषा से इनपुट्स के साथ)

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