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प्रियंका गांधी पर फूटा निलंबित वरिष्ठ कांग्रेसियों का गुस्सा, ‘फर्जी कांग्रेस’ के खिलाफ दी आंदोलन की चुनौती

निलंबित किए गए सभी नेता बेहद वरिष्ठ हैं और पार्टी में तीन से पांच दशक का वक्त गुजार चुके हैं।

Author नई दिल्ली | Updated: November 26, 2019 9:15 AM
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी। (फाइल फोटो)

यूपी कांग्रेस से निलंबित 10 नेताओं ने सोमवार को दावा किया कि प्रदेश प्रभारी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में उनको निशाना बनाया जा रहा है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं ने धमकी दी है कि अगर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मामले में दखल नहीं दी तो वे ‘असली कांग्रेस’ को ‘फर्जी कांग्रेस’ से बचाने के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे।

निलंबित किए गए सभी नेता बेहद वरिष्ठ हैं और पार्टी में तीन से पांच दशक का वक्त गुजार चुके हैं। उन्होंने कहा कि या तो प्रियंका को राज्य ईकाई के फैसले को लेकर अंधेरे में रखा गया या कांग्रेस महासचिव को उनके बारे में कोई गलतफहमी हुई है। इन नेताओं ने प्रेस क्लब में हुए एक मीडिया कॉन्फ्रेंस में ये आरोप लगाए।

प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय कुमार लल्लू ने कहा कि सस्पेंड किए गए नेता ‘हाईकमान के फैसलों के खिलाफ’ जा रहे थे। सस्पेंड किए गए नेताओं में से एक संतोष सिंह पार्टी के टिकट पर सांसद भी रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह और बाकी नेता 14 नवंबर को देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू की जयंती के मौके पर उनके लखनऊ स्थित आवास पर मिले थे।

सिंह ने कहा, ‘हमने गांधी-नेहरू परिवार के सदस्यों से एसपीजी सुरक्षा छीने जाने के फैसले पर चर्चा की। कुछ सदस्यों की राय थी कि पुराने कांग्रेसियों को नजरअंदाज किया जा रहा है और उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है।’ सिंह ने आगे बताया, ‘इसके बाद हमने आगे 23 नवंबर को अखबारों में पढ़ा कि पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति की ओर से हमें नोटिस जारी कर पार्टी विरोधी गतिविधियों पर सफाई देने के लिए कहा गया है। 25 नवंबर को हमने पढ़ा कि हमारे जवाब संतोषजनक न होने की वजह से हमें सस्पेंड कर दिया गया है।’

पूर्व विधायक राम कृष्ण दि्वेदी ने कहा कि यह फैसला पार्टी संविधान के खिलाफ है। दि्वेदी ने कहा, ‘कांग्रेस के संविधान के सेक्शन 19ए में कहा गया है कि सिर्फ ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ही किसी एआईसीसी मेंबर के खिलाफ ऐसे फैसले ले सकती है। इससे पहले, उन्हें जवाब देने के लिए 7 दिन का वक्त दिया जाएगा। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उन्होंने हमें सस्पेंड कर दिया है।’ उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तत्काल दखल दें वर्ना हम फर्जी कांग्रेस लीडरशिप के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे, जिसने असली कांग्रेसियों को सस्पेंड किया है।’

इन दो नेताओं के अलावा सत्यदेव त्रिपाठी, विनोद चौधरी, नेकचद्र पांडेय, स्वयं प्रकाश गोस्वामी और भूधर नारायण मिश्रा ने कहा है कि वे लखनऊ में 30 नवंबर को एक मीटिंग करेंगे। इसके बाद, दिसंबर के आखिर में अगली मीटिंग नोएडा में होगी। नेताओं के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में बैठकें करके लोगों को जानकारी दी जाएगी कि कैसे फर्जी कांग्रेस ने असली कांग्रेस पर कब्जा कर लिया है।

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